भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन महान दार्शनिक, शिक्षाविद् और भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को समर्पित है।
डॉ. राधाकृष्णन ने अपने जीवन के 40 से अधिक वर्ष एक शिक्षक के रूप में समाज और छात्रों के बीच ज्ञान का प्रकाश फैलाने में लगाए। जब वे भारत के राष्ट्रपति बने और छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई, तब उन्होंने कहा था—
“मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय अगर इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे अधिक खुशी होगी।”
इसी विचार के साथ हर वर्ष 5 सितंबर को पूरे देश में शिक्षकों के योगदान को याद किया जाता है और उन्हें सम्मानित किया जाता है।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचार सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे जीवन जीने की नई राह भी दिखाते हैं। यहां कुछ उनके प्रेरणादायी उद्धरण दिए जा रहे हैं, जिनका उपयोग छात्र टीचर्स डे 2025 पर अपने शिक्षकों के प्रति आभार प्रकट करने के लिए कर सकते हैं:
डॉ. राधाकृष्णन के कुछ प्रेरक विचार (Quotes)
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“सच्चा शिक्षक वही है, जो हमें सोचने के लिए प्रेरित करता है।”
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“शिक्षा का उद्देश्य मनुष्य को पूर्णता की ओर ले जाना है।”
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“ज्ञान तभी सार्थक है जब वह हमें दूसरों के साथ बांटने की प्रेरणा दे।”
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“मानव जीवन का उद्देश्य सेवा और त्याग में है।”
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“बुद्धि और चरित्र का मेल ही शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य है।”
इस प्रकार, शिक्षक दिवस न केवल गुरुओं के योगदान को सम्मानित करने का अवसर है, बल्कि यह हमें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की महान शिक्षाओं और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा भी देता है।

