स्टेशनरी वस्तुएं हुईं टैक्स-फ्री, अब 22 सितंबर से सस्ती होगी स्कूल की सामग्री

सलोनी तिवारी: नई दिल्ली। जीएसटी परिषद की हालिया बैठक में आम जनता के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। परिषद ने कई स्टेशनरी वस्तुओं पर लगने वाले कर में भारी कटौती की है। पहले इन पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी वसूला जाता था, लेकिन अब इनमें से कई वस्तुएं टैक्स-फ्री कर दी गई हैं।

किन वस्तुओं पर नहीं लगेगा टैक्स?
सरकार ने जिन वस्तुओं को टैक्स-फ्री किया है, उनमें सभी तरह के नक्शे (मैप), हाइड्रोग्राफिक या इसी तरह के चार्ट (एटलस, वॉल मैप, टोपोग्राफिकल प्लान और ग्लोब), पेंसिल शार्पनर, पेंसिल (प्रोपेलिंग या स्लाइडिंग पेंसिल सहित), क्रेयॉन, पेस्टल, ड्राइंग चारकोल, चाक, रबड़, प्रैक्टिकल बुक, ग्राफ बुक और नोटबुक शामिल हैं। पहले ये सभी वस्तुएं 12 प्रतिशत टैक्स स्लैब में आती थीं, जबकि रबड़ पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगता था।

अब कितनी होगी दर?
इसके अलावा, कागज या पेपरबोर्ड से बने बॉक्स, पाउच, वॉलेट और राइटिंग कम्पेंडियम्स पर अब 12 पर्सेंट की जगह केवल 5 पर्सेंट जीएसटी लगेगा।

22 सितंबर से लागू होंगी नई दरें
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद इन संशोधित दरों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि नई दरें 22 सितंबर यानी नवरात्रि के पहले दिन से प्रभावी होंगी। सीतारमण ने कहा कि ये सुधार “आम आदमी को प्राथमिकता देने वाले” हैं और शिक्षा सामग्री को अधिक किफायती बनाने में मदद करेंगे।

लाभ किसे मिलेगा?
इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों को सीधा लाभ मिलेगा क्योंकि स्कूल की सामग्री अब और सस्ती होगी। साथ ही, स्टेशनरी कंपनियों के उत्पादों की मांग बढ़ने की भी संभावना है। इसके साथ ही सरकार ने श्रम-प्रधान उद्योगों, किसानों, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी लाभकारी निर्णय लिए हैं।

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