सलोनी तिवारी: नई दिल्ली। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 13 सितंबर 2025 को किया जा रहा है। यह साल की तीसरी लोक अदालत होगी, जो सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित की जाएगी। लोक अदालत का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लंबित मामलों का निपटारा करना है। खासतौर पर इस लोक अदालत में बकाया ट्रैफिक चालान को माफ या बहुत कम राशि में खत्म कराया जा सकता है।
लोक अदालत क्या है?
लोक अदालत जनता की अदालत होती है, जहां पर वैकल्पिक विवादों का समाधान किया जाता है। यह कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत संचालित होती है। लोक अदालत में न्यायालय में लंबित और मुकदमे-पूर्व विवादों को बातचीत व समझौते से हल किया जाता है। यहां दिए गए निर्णय अदालत के आदेश की तरह मान्य होते हैं। इसमें सिविल मामले, पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, चेक बाउंस और ट्रैफिक चालान तक का निपटारा किया जाता है।
लोक अदालत में आवेदन कैसे करें?
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सबसे पहले नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) की वेबसाइट पर जाएं।
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यहां ऑनलाइन आवेदन का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।
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आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
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फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको कंर्फेशन ईमेल और टोकन नंबर प्राप्त होगा।
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इस टोकन से आप लोक अदालत में अपनी उपस्थिति का समय तय कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
ट्रैफिक चालान माफ या कम कराने के लिए साथ ले जाएं:
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चालान की कॉपी
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वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
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ड्राइविंग लाइसेंस
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पहचान पत्र
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समन/नोटिस की कॉपी
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ऑथराइजेशन लेटर
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पुराने भुगतान की रसीद
एक भी दस्तावेज कम होने पर चालान माफ या कम होने में दिक्कत आ सकती है।
किन ट्रैफिक चालानों में मिलेगी राहत?
लोक अदालत में ज्यादातर छोटे-मोटे चालान खत्म कर दिए जाते हैं। इनमें शामिल हैं:
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बिना हेलमेट या सीट बेल्ट वाहन चलाना
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नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना
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रेड लाइट तोड़ना
इसलिए अगर आपके ऊपर भी पुराने या छोटे ट्रैफिक चालान बकाया हैं, तो राष्ट्रीय लोक अदालत का यह मौका आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।

