सलोनी तिवारी: चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट 2025 संपन्न हुआ, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
पुतिन का बयान:
बैठक के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा:
“मोदी से मिलकर अच्छा लगा। हमारे रिश्ते केवल रणनीतिक ही नहीं बल्कि सिद्धांतों पर आधारित हैं। यही वजह है कि ये संबंध आने वाले समय में और मजबूत होंगे।”

बैठक का महत्व:
-
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विभिन्न देशों पर व्यापार और कूटनीतिक दबाव बना रहे हैं।
-
भारत और रूस के बीच यह वार्ता ऊर्जा, रक्षा और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर केंद्रित रही।
-
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों में नई दिशा देने का काम करेगी।
SCO समिट में भारत की भूमिका:
प्रधानमंत्री मोदी ने SCO समिट के मंच से क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आर्थिक सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच सामूहिक प्रयासों की अपील की।
भारत और रूस की यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी अहम मानी जा रही है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत-रूस का यह सहयोग दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पीएम मोदी का तियानजिन दौरा: भारतीय समुदाय का स्वागत, सांस्कृतिक संगम और शी जिनपिंग से मुलाकात

