सलोनी तिवारी: हर साल 5 सितंबर को दुनियाभर में World Samosa Day मनाया जाता है। यह दिन भारत समेत दुनिया के उन फूड लवर्स को समर्पित है जो समोसे के दीवाने हैं।
समोसे का इतिहास
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समोसे की उत्पत्ति भारत में नहीं बल्कि मध्य एशिया और फारस में बताई जाती है।
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इसे “संबोसा” या “सम्बोसाक” कहा जाता था।
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13वीं-14वीं शताब्दी में यह भारत आया और समय के साथ यह भारतीय स्ट्रीट फूड का राजा बन गया।
भारत में समोसे की लोकप्रियता
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उत्तर भारत के हर नुक्कड़-चाय की दुकान पर समोसा आसानी से मिल जाता है।
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आलू, मटर और मसालों से भरा कुरकुरा समोसा सभी का फेवरेट स्नैक है।
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त्योहारों, पार्टियों और ऑफिस ब्रेक का सबसे आसान स्नैक – समोसा!
दुनिया में समोसे का जादू
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ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका और खाड़ी देशों में भी समोसा बेहद पॉपुलर है।
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कई देशों में इसे चिकन, मटन, पनीर और यहां तक कि चॉकलेट फ्लेवर में भी बनाया जाता है।
वर्ल्ड समोसा डे क्यों खास है?
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भारतीय खानपान और संस्कृति की पहचान।
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स्ट्रीट फूड इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सेलिब्रेशन।
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खाने के शौकीनों के लिए समोसे के साथ यादें ताज़ा करने का मौका।
कैसे मनाएँ World Samosa Day?
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दोस्तों और परिवार के साथ समोसा पार्टी करें।
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सोशल मीडिया पर #WorldSamosaDay के साथ तस्वीरें शेयर करें।
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घर पर अलग-अलग फ्लेवर के समोसे बनाकर एक्सपेरिमेंट करें।
(Fun Facts About Samosa)
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दुनिया का सबसे बड़ा समोसा
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साल 2017 में लंदन (यूके) में 153.1 किलो का समोसा बनाया गया था।
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इसे बनाने के लिए कई कुक्स और वॉलंटियर्स ने मिलकर काम किया और यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।
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समोसे का पहला नाम
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प्राचीन काल में इसे “संबोसा” या “संबुसाक” कहा जाता था।
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भारत में आने के बाद यह “समोसा” नाम से लोकप्रिय हुआ।
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विदेशी समोसे के वर्ज़न
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अफ्रीका: “संबुसा” नाम से जाना जाता है, ज्यादातर मांस भरा होता है।
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मध्य पूर्व: “संबूसाक” जिसमें नट्स और मीठी फिलिंग होती है।
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चाइना: स्प्रिंग रोल जैसा कुरकुरा वर्ज़न मिलता है।
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यूके और अमेरिका: यहां पनीर, चिकन, मटन और यहां तक कि चॉकलेट समोसा भी मिलता है।
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भारत का सबसे पसंदीदा स्नैक
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एक सर्वे के मुताबिक, भारत में हर दिन करीब 3 करोड़ से ज्यादा समोसे खाए जाते हैं।
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समोसा = सोशल कनेक्शन
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ऑफिस पार्टी, दोस्तों की गपशप, या कॉलेज कैंटीन – समोसा हर जगह लोगों को जोड़ता है।
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