सलोनी तिवारी: नई दिल्ली: कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब यदि कोई कर्मचारी सिर्फ 1 महीने तक भी नौकरी करता है और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में योगदान देता है, तो उसे पेंशन का अधिकार मिलेगा।
क्या था पहले नियम?
पहले नियमों के तहत पेंशन का अधिकार पाने के लिए न्यूनतम सेवा अवधि तय थी। जिन कर्मचारियों ने कम अवधि तक नौकरी की, वे पेंशन से वंचित रह जाते थे।
नया बदलाव क्यों अहम है?
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लाखों असंगठित और अस्थायी कर्मचारियों को सीधा फायदा।
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नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत।
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सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
पेंशन का अधिकार कैसे मिलेगा?
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नौकरी छोड़ने के बाद भी EPS खाते में किए गए योगदान के आधार पर पेंशन का हक बनेगा।
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कर्मचारी चाहे किसी भी कंपनी या सेक्टर में काम करे, EPS का योगदान ट्रांसफर होकर जुड़ेगा।
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1 महीने तक भी काम करने वाले कर्मचारी अब इस सुविधा के दायरे में आएंगे।
विशेषज्ञों की राय
श्रम विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उन कर्मचारियों के लिए गेम चेंजर साबित होगा, जिनकी नौकरी लंबे समय तक स्थिर नहीं रहती। इससे सामाजिक सुरक्षा तंत्र और मजबूत होगा।

