सलोनी तिवारी: नई दिल्ली, 28 अगस्त 2025 – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत से आयात पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले का सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला।
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन निवेशकों में भारी घबराहट (panic selling) रही, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद हुए।
मुख्य बिंदु:
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सेंसेक्स 1,100 अंकों से अधिक गिरकर 77,500 के स्तर पर बंद हुआ।
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निफ्टी 50 भी करीब 350 अंकों की गिरावट के साथ 23,400 के नीचे फिसल गया।
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सबसे ज्यादा बिकवाली IT, टेक्नोलॉजी और निर्यात आधारित कंपनियों में हुई।
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TCS, Infosys, Wipro और HCL Tech के शेयरों में 5% तक की गिरावट दर्ज की गई।
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ऑटो और फार्मा सेक्टर ने मामूली सपोर्ट दिया, लेकिन बाजार को संभाल नहीं पाए।
क्यों आई गिरावट?
विशेषज्ञों के मुताबिक, ट्रंप का टैरिफ फैसला भारतीय निर्यात-उन्मुख कंपनियों के लिए खतरे की घंटी है, क्योंकि अमेरिका उनके लिए सबसे बड़ा बाजार है। इससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ेगा और निवेशकों का भरोसा कमजोर होगा।
विशेषज्ञों की राय
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मार्केट विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट शॉर्ट-टर्म झटका है, लेकिन यदि अमेरिका अपने फैसले पर कायम रहता है तो इसका दीर्घकालिक असर IT सेक्टर और भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।
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छोटे निवेशकों को panic selling से बचने और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश बनाए रखने की सलाह दी गई है।

