सलोनी तिवारी: 28 अगस्त 2025:
केंद्र सरकार ने कपास (Cotton) के शुल्क-मुक्त आयात (Duty-Free Import) की अवधि में तीन महीने की वृद्धि कर दी है। अब यह सुविधा 31 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। यह कदम कपड़ा निर्माताओं और उपभोक्ताओं दोनों के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य:
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य घरेलू कपास उद्योग में कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करना और वस्त्र निर्माताओं को उत्पादन लागत में मदद करना है। आयात पर शुल्क छूट से बाजार में कपास की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
उद्योग और उपभोक्ता पर असर:
-
कपड़ा निर्माता अब कच्चे कपास के लिए कम लागत में आपूर्ति सुनिश्चित कर पाएंगे।
-
इससे तैयार कपड़े और वस्त्र उत्पादों की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
-
आयातक कंपनियों को भी लॉजिस्टिक और वित्तीय योजना बनाने में मदद मिलेगी।
पूर्व स्थिति:
पहले यह शुल्क-मुक्त आयात की अवधि 30 सितंबर 2025 तक ही थी। अब सरकार ने इसे तीन महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 तक कर दिया है।
निष्कर्ष:
कपास के शुल्क-मुक्त आयात की अवधि बढ़ाने का कदम उद्योग को राहत देने, उत्पादन बढ़ाने और बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

