सलोनी तिवारी: कानपुर, 22 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश सरकार खनन प्रभावित जिलों में विकास कार्यों को गति देने के लिए जल्द ही माइनिंग फंड (DMF – District Mineral Foundation) के उपयोग पर नई योजना लागू करने जा रही है। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाना है, जहां खनन गतिविधियों से स्थानीय आबादी प्रभावित होती है।
मुख्य बिंदु:
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फंड का लक्ष्य: खनन प्रभावित समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारना।
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मुख्य क्षेत्र:
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शिक्षा (स्कूल, छात्रवृत्ति, डिजिटल क्लासरूम)
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स्वास्थ्य (अस्पताल, मोबाइल हेल्थ यूनिट्स, दवा की सुविधा)
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स्वच्छता (शुद्ध पेयजल, शौचालय, कचरा प्रबंधन)
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कौशल विकास (रोज़गार-उन्मुख प्रशिक्षण, ITI अपग्रेडेशन)
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माइनिंग फंड का स्रोत
खनन कंपनियों से वसूली गई राशि DMF फंड में जमा होती है। इसका इस्तेमाल उन जिलों में विकास कार्यों के लिए किया जाता है जहां खनन से पर्यावरण और समाज पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
असर और लाभ
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स्थानीय लोगों को शिक्षा और रोज़गार के अवसर मिलेंगे।
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स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा, खासकर ग्रामीण और खनन बेल्ट में।
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स्वच्छता और आधारभूत संरचना मज़बूत होगी।
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कौशल विकास से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए मौके मिलेंगे।
विशेषज्ञों की राय
नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फंड का उपयोग पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया गया तो यह योजना खनन प्रभावित क्षेत्रों में “गेमचेंजर” साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर, यह कदम खनन से होने वाले नुकसान की भरपाई करते हुए प्रभावित जिलों में सतत विकास (Sustainable Development) सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

