सलोनी तिवारी: नई दिल्ली — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए $20 अरब (करीब ₹1.6 लाख करोड़) के ऐतिहासिक आर्थिक सुधार पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज का मुख्य फोकस घरेलू उपभोग को बढ़ावा देना और दीर्घकालिक विकास को नई दिशा देना है।
सबसे बड़ा बदलाव वस्तु एवं सेवा कर (GST) संरचना में किया गया है। अब तक के चार स्लैब को घटाकर सिर्फ दो स्लैब कर दिए जाएंगे—
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5% रोज़मर्रा की ज़रूरतों की चीज़ों पर
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40% लग्ज़री व हानिकारक उत्पादों पर (जैसे सिगरेट, तंबाकू आदि)
GDP और महंगाई पर असर
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस सुधार से GDP में 0.6% तक की बढ़ोतरी हो सकती है और महंगाई पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी। वर्तमान समय में भारत की GDP का लगभग 60% हिस्सा निजी खपत से आता है, ऐसे में यह सुधार सीधे आम जनता और उपभोक्ताओं को राहत देने वाला कदम माना जा रहा है।
कब होगा लागू?
सरकार ने संकेत दिया है कि अक्टूबर 2025 तक यह नई GST दरें लागू कर दी जाएंगी। इससे त्योहारों के मौसम में उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
मोदी सरकार का यह कदम न सिर्फ़ घरेलू बाज़ार को मज़बूती देगा बल्कि लंबे समय में भारत की आर्थिक संरचना को भी अधिक पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।

