सलोनी तिवारी: लखनऊ, 15 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोशल मीडिया ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। काकोरी थाना क्षेत्र के बिगहू गांव की रहने वाली एक महिला, जो हेल्थकेयर सेक्टर में कार्यरत है, फेसबुक पर ‘डॉ. समीर’ नाम के एक शख्स से दोस्ती करने के बाद ₹2.10 लाख की ठगी का शिकार हो गई।
कैसे हुआ पूरा खेल:
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फेसबुक पर दोस्ती:
20 जुलाई को महिला को फेसबुक पर ‘डॉ. समीर (इंग्लैंड)’ नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। खुद को डॉक्टर बताने वाले इस व्यक्ति ने हेल्थ और सोशल वर्क से जुड़े विषयों पर बातचीत की और धीरे-धीरे विश्वास जीत लिया। -
महंगे गिफ्ट का लालच:
ठग ने दावा किया कि वह इंग्लैंड से उसके लिए एक कीमती गिफ्ट भेज रहा है। महिला ने शुरू में मना किया, लेकिन लगातार मनाने के बाद वह तैयार हो गई। -
कस्टम ड्यूटी का बहाना:
कुछ दिनों बाद महिला को एक कॉल आया, जिसमें खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताने वाले शख्स ने कहा कि पार्सल लेने के लिए ₹2.10 लाख का शुल्क जमा करना होगा। ठग ने पेमेंट को कई किश्तों में करवाया। -
ठगी का अहसास:
पैसे देने के बाद भी पार्सल नहीं मिला, तो महिला को ठगी का शक हुआ और उसने तुरंत काकोरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई:
काकोरी थाना प्रभारी सतीश राठौर ने बताया कि मामला दर्ज कर साइबर क्राइम सेल को सौंपा गया है। पुलिस डिजिटल पेमेंट ट्रेल, कॉल डिटेल और IP एड्रेस के आधार पर ठगों की लोकेशन ट्रेस कर रही है।
साइबर सुरक्षा अलर्ट:
पुलिस ने आम नागरिकों को सोशल मीडिया पर अजनबियों से बातचीत में सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर ऐसे मामलों में सतर्क रहें—
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विदेश से आए गिफ्ट या पार्सल के नाम पर पैसे न दें।
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अजनबी प्रोफाइल की पहचान पहले सत्यापित करें।
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किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज को तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर रिपोर्ट करें।
बड़ी तस्वीर:
यह मामला उन बढ़ते साइबर फ्रॉड ट्रेंड्स का हिस्सा है, जिनमें ठग सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर भावनात्मक जुड़ाव और लालच दोनों के जरिए पैसे ऐंठते हैं। हाल के महीनों में ‘डिजिटल अरेस्ट’, ‘विदेशी गिफ्ट फ्रॉड’ और ‘फर्जी कस्टम अधिकारी’ के बहाने ठगी के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है।

