सोमवार को भारतीय रुपये ने शुरुआती कारोबार में हल्की मजबूती के साथ शुरुआत की, लेकिन आयातकों की भारी डॉलर मांग के चलते दिन के अंत तक यह 87.66 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। शुरुआती रेंज 87.52–87.66 रही।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने आज की बैठक में रेपो दर को 5.50% पर अपरिवर्तित रखा। बैंक ने कहा कि मौद्रिक रुख ‘न्यूट्रल’ रहेगा, ताकि मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास दोनों पर नियंत्रण बना रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये पर दबाव का मुख्य कारण अमेरिकी टैरिफ में बढ़ोतरी, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, और डॉलर की मजबूत मांग है। वहीं, RBI का बाजार में हस्तक्षेप रुपये को ज्यादा गिरने से रोकने में मदद कर रहा है।
आने वाले दिनों में रुपये की दिशा अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ब्याज दर नीति, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम और घरेलू मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
📊 आज का रेंज: ₹87.52 – ₹87.66 प्रति डॉलर
🔍 प्रमुख कारण: अमेरिकी टैरिफ, डॉलर की मांग, RBI का हस्तक्षेप
📅 आगे की नजर: मुद्रास्फीति डेटा, फेड नीति, वैश्विक आर्थिक संकेतक

