“भारत में मानसून अपने चरम पर: दिल्ली से लेकर हिमालय तक भारी बारिश और रेड अलर्ट जारी”

सलोनी तिवारी: दिल्ली: देश भर में मानसून अब अपने चरम पर पहुंच चुका है और इसका असर उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक देखा जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी कर दिया है। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और निचले इलाकों में जलभराव व बाढ़ जैसी स्थिति बनती जा रही है।

राजधानी दिल्ली में तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश का अलर्ट

4 अगस्त को दिल्ली में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लक्ष्मी नगर, पटपड़गंज, आनंद विहार, उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले स्थानों से दूर रहें और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

उत्तर प्रदेश में 50 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

उत्तर प्रदेश के 50 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर जैसे पूर्वांचल के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। लखनऊ, मेरठ, बरेली जैसे मध्य व पश्चिमी यूपी के जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।

बिहार में भी वज्रपात का खतरा

पटना, गया, दरभंगा, मधुबनी सहित कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका है। ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है क्योंकि वहां बिजली गिरने की घटनाएं अधिक होती हैं।

हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन जैसे जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तराखंड के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों में भी भारी बारिश के साथ भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बताया गया है।

राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी बारिश का जोर

राजस्थान के कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, बारां जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, शिवपुरी, रायसेन, सीहोर, सागर, अशोकनगर में तेज बारिश के साथ जलभराव की स्थिति बन सकती है।

IMD का विशेष पूर्वानुमान: अगस्त-सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी है कि अगस्त और सितंबर 2025 में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। 1 जून से 31 जुलाई तक देश में अब तक 474.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य से 6% अधिक है।

सलाह:
लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें, नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।

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