सलोनी तिवारी: सावन के पावन महीने के दूसरे सोमवार को देशभर में शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर समेत सभी प्रमुख शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। भोलेनाथ को जल चढ़ाने के लिए रविवार रात से ही कांवड़ियों का सैलाब मंदिरों की ओर बढ़ने लगा। ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से वातावरण गूंज उठा।
इसी क्रम में आगरा भी शिव भक्ति में सराबोर हो गया। रविवार शाम चार बजे से शिव भक्तों ने परंपरागत नगर परिक्रमा की शुरुआत की। भक्त माथे पर चंदन, हाथों में जलकलश और मुंह पर महादेव के जयघोष के साथ नंगे पैर चलते हुए शहर के प्रमुख शिव मंदिरों की ओर बढ़े। जगह-जगह भजन-कीर्तन, भंडारे और सेवा शिविरों की व्यवस्था रही।
आगरा में चार दिशाओं में चार प्रमुख प्राचीन शिव मंदिर स्थित हैं—पूर्व में बल्केश्वर महादेव, पश्चिम में पृथ्वीनाथ महादेव, उत्तर में कैलाश महादेव और दक्षिण में राजेश्वर महादेव। शहर के केंद्र में बाबा मनकामेश्वर महादेव विराजमान हैं। इन पांच प्रमुख मंदिरों की परिक्रमा करते हुए श्रद्धालु 42 किलोमीटर लंबा नगर भ्रमण करते हैं।
रविवार देर रात बल्केश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक और पूजा के साथ मेले का शुभारंभ हुआ। सोमवार तड़के से ही भक्त भारी संख्या में शिवलिंग पर जल अर्पित कर रहे हैं। यह परिक्रमा सोमवार सुबह बल्केश्वर महादेव मंदिर में अंतिम जलाभिषेक के साथ पूर्ण होगी।
इस आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों की ओर से पूरे मार्ग पर भंडारे, चिकित्सा शिविर और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। सावन का यह सोमवार महादेव की भक्ति और लोक आस्था का एक अद्भुत संगम बन गया।

