सलोनी तिवारी: कानपुर, 19 जुलाई 2025 (शनिवार): इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आई.एम.ए.) कानपुर शाखा और वेंकटेश्वर अस्पताल, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आज एक “वैज्ञानिक सी०एम०ई०” (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) का आयोजन किया गया। यह आयोजन शाम 8:00 बजे, आई.एम.ए. भवन (सेवा का मंदिर), परेड, कानपुर में सम्पन्न हुआ, जिसमें कानपुर व आसपास के प्रमुख चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति रही।
प्रथम सत्र: कैंसर के खिलाफ डॉक्टरों की भूमिका पर व्याख्यान
सीएमई के प्रथम सत्र में डॉ. दिनेश चंद्र कटियार, निदेशक – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी, वेंकटेश्वर अस्पताल, दिल्ली ने “कैंसर के खिलाफ लड़ाई में जनरल फिजीशियन की भूमिका” विषय पर गहन व्याख्यान प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि कैंसर अब समाज से दूर नहीं, बल्कि हमारे परिवार और समुदाय का यथार्थ है। यदि इसके प्रारंभिक लक्षणों की सही समय पर पहचान कर ली जाए, तो इलाज अधिक प्रभावी और सफल हो सकता है।
उन्होंने सात प्रमुख लक्षणों की पहचान, कारणों, और रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी।
जनरल फिजीशियन की भूमिका को उन्होंने कैंसर रोकथाम की पहली पंक्ति बताया और अपील की कि लोग लक्षणों को नजरअंदाज न करें, बल्कि सालाना जांच व स्क्रीनिंग को अपनाएं।
इस सत्र के चेयरपर्सन प्रो. (डॉ.) एम. पी. मिश्रा और डॉ. प्रदीप त्रिपाठी रहे।
द्वितीय सत्र: वयस्क लीवर ट्रांसप्लांट पर चर्चा
दूसरे सत्र में डॉ. (ग्रुप कैप्टन) सुमेश कैस्था, निदेशक – लिवर ट्रांसप्लांट एवं जीआई सर्जरी, वेंकटेश्वर अस्पताल, दिल्ली ने “वयस्क जिगर प्रत्यारोपण का अवलोकन” विषय पर जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि लिवर ट्रांसप्लांट एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है और आज यह अत्यधिक सफल हो चुकी है, बशर्ते समय पर निर्णय लिया जाए। उन्होंने हेपेटाइटिस, एल्कोहलिक लिवर डिज़ीज़ और फैटी लिवर को इसके प्रमुख कारण बताया।
उन्होंने जनता से अपील की कि “ऑर्गन डोनेशन” को अपनाएं, क्योंकि एक जिगर कई ज़िंदगियाँ बचा सकता है।
इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. साई राम और डॉ. अजीत कुमार रावत ने की।
आई.एम.ए. का नेतृत्व और कार्यक्रम संचालन
इस महत्वपूर्ण आयोजन की अध्यक्षता आई.एम.ए. कानपुर की अध्यक्ष डॉ. नंदिनी रस्तोगी ने की।
कार्यक्रम संचालन डॉ. गणेश शंकर (वैज्ञानिक सचिव) द्वारा किया गया, और अंत में आई.एम.ए. के सचिव डॉ. विकास मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. ए.सी. अग्रवाल, डॉ. कुणाल सहाय और डॉ. कीर्ति वर्धन सिंह सहित अनेक गणमान्य चिकित्सक उपस्थित रहे।

