सलोनी तिवारी: आज दिनांक 6 जुलाई 2024, दिन रविवार, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) कानपुर शाखा द्वारा एक वैज्ञानिक सीएमई (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रात्रि 8:00 बजे आईएमए भवन, ‘सेवा का मंदिर’, परेड कानपुर में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रथम सत्र से हुआ, जिसमें डॉ. यू.के. मिश्रा, प्रधान निदेशक न्यूरोसाइंस, अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं सलाहकार, विवेकानंद पॉलीक्लिनिक, लखनऊ ने “आध्यात्मिकता का तंत्रिका विज्ञान आधार” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस सत्र के चेयरपर्सन डॉ. आई.एन. वाजपेयी और डॉ. संजय महेंद्रू रहे।
द्वितीय सत्र में डॉ. राजेश वर्मा, प्रोफेसर और प्रमुख, न्यूरोलॉजी विभाग, केजीएमयू, लखनऊ ने “भारत में मिर्गी का प्रबंधन: दौरों से आगे की बात” विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 1.4 करोड़ लोग मिर्गी से पीड़ित हैं, जिनमें से कई को दवाओं से राहत नहीं मिलती। सामाजिक कलंक, गलतफहमियां, गलत निदान और सीमित संसाधन इस समस्या को और जटिल बनाते हैं। इस सत्र के चेयरपर्सन डॉ. विकास दीक्षित और डॉ. रजत मोहन थे।
तृतीय सत्र में डॉ. स्वांशु बत्रा, सहायक प्रोफेसर, न्यूरोलॉजी विभाग, केजीएमयू लखनऊ ने एक दुर्लभ और जटिल केस प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें एक मरीज सुपररेफ्रैक्टरी स्टेट एपिलेप्टिकस में चला गया था। इस केस के माध्यम से न्यूरोलॉजिकल और मानसिक स्वास्थ्य की बीमारियों के ओवरलैप को विस्तार से समझाया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नंदिनी रस्तोगी, अध्यक्ष, आईएमए कानपुर ने की। संचालन डॉ. गणेश शंकर, वैज्ञानिक सचिव द्वारा किया गया। विषय पर टिप्पणी डॉ. ए. सी. अग्रवाल, चेयरमैन, वैज्ञानिक सब-कमेटी ने की और डॉ. विकास मिश्रा, सचिव, आईएमए कानपुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस मौके पर डॉ. कुणाल सहाय (उपाध्यक्ष) और डॉ. कीर्ति वर्धन सिंह (संयुक्त वैज्ञानिक सचिव) भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


