अहमदाबाद में हुए विमान हादसे को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। जानकारी के अनुसार, विमान ने दोपहर 1:39 बजे टेक-ऑफ किया था, लेकिन लगभग 650 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद वह अचानक ऊंचाई खोने लगा। पायलट ने उसी समय, यानी 1:39 बजे ही एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) को पूर्ण इमरजेंसी की सूचना दी थी।
एटीसी का कहना है कि जब उसने विमान से संपर्क साधने की कोशिश की, तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके एक मिनट बाद, विमान एयरपोर्ट से करीब 2 किलोमीटर दूर मेघानी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान इससे पहले पेरिस से दिल्ली और फिर दिल्ली से अहमदाबाद तक की उड़ानें बिना किसी तकनीकी समस्या के पूरी कर चुका था।
दुर्घटना के तुरंत बाद, दोपहर 2:30 बजे एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया था, जिसे सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरे करने के बाद शाम 5 बजे दोबारा खोला गया।
मंत्री ने बताया कि घटना की तकनीकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान कल शाम 5 बजे घटनास्थल से ब्लैक बॉक्स बरामद किया गया है। AAIB का मानना है कि इस ब्लैक बॉक्स की डिकोडिंग से दुर्घटना के ठीक पहले के क्षणों में क्या हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी मिल सकेगी। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि तकनीकी खराबी थी या अन्य कोई कारण।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में विमानन सुरक्षा के बहुत सख्त मानक हैं। इस दुर्घटना के बाद अब बोइंग 787 सीरीज की विस्तृत निगरानी की जा रही है। DGCA ने भी 787 विमानों की गहन जांच का आदेश दिया है। भारत के पास इस समय इस सीरीज के 34 विमान हैं, जिनमें से 8 की पहले ही जांच की जा चुकी है। बाकी विमानों की भी तत्काल जांच की जाएगी।

