सलोनी तिवारी: गर्मियों में ठंडा पानी पीना किसे पसंद नहीं होता? आजकल हर किसी के घर में रेफ्रिजरेटर है, लेकिन एक समय था जब हर घर में पानी ठंडा रखने के लिए मिट्टी के मटकों का उपयोग होता था। समय के साथ रेफ्रिजरेटर ने मटकों की जगह ले ली, लेकिन आज भी कई लोग मटके का पानी पीना पसंद करते हैं, क्योंकि यह न सिर्फ प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।
भारत में मिट्टी के बर्तनों में पानी स्टोर करने की परंपरा सदियों पुरानी है। आयुर्वेद में भी मिट्टी के बर्तनों के फायदे बताए गए हैं। एक अध्ययन के अनुसार, मिट्टी के बर्तनों में रखा पानी प्लास्टिक की बोतलों की तुलना में ज्यादा स्वच्छ और सुरक्षित होता है।
मटके का पानी पीने के फायदे:
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यह पानी नेचुरली ठंडा होता है और शरीर को हाइड्रेट रखता है।
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मिट्टी के गुण पानी में मिलकर शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
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यह पाचन को सुधारता है और गर्मियों में लू से बचाता है।
मिट्टी के बर्तनों को साफ करने के लिए सुझाव:
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मटका खाली करने के बाद उसे मुलायम कपड़े या स्पंज से बाहर से साफ करें।
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अंदरूनी सफाई के लिए बेकिंग सोडा, सिरका, नींबू का रस और नमक का मिश्रण बनाएं और ब्रश से सफाई करें।
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नींबू का रस और छिलके उबालकर इस पानी से मटका धोएं, जिससे दुर्गंध भी दूर होती है।
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मटके का पानी रोज बदलें ताकि उसमें कीटाणु न पनपें।
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धुलाई के बाद मटके को धूप में कुछ समय सुखाएं ताकि नमी खत्म हो जाए और फफूंद न लगे।
मिट्टी के बर्तन न केवल पारंपरिक जीवनशैली का हिस्सा हैं, बल्कि यह स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का एक सरल तरीका भी है। इस गर्मी आप भी मिट्टी के मटके को अपनाएं और अपने परिवार को शुद्ध और ठंडा पानी दें।

