सलोनी तिवारी: क्या आप मोबाइल ऐप्स से झटपट लोन लेने के बारे में सोच रही हैं? तो जरा रुकिए, क्योंकि फटाफट लोन देने वाले ऐप्स आपको भारी नुकसान में डाल सकते हैं। डिजिटल युग में हर काम स्मार्टफोन पर चुटकियों में होता है – फिर चाहे वह नेट बैंकिंग हो या मिनटों में लोन लेना। इसी तेजी का फायदा उठाते हैं कुछ फर्जी और अनरेजिस्टर्ड इंस्टेंट लोन ऐप्स।
आजकल बाजार में ऐसे ऐप्स की भरमार है जो बिना ज्यादा दस्तावेज मांगे, 5 मिनट में कैश देने का दावा करते हैं। ये ऐप्स जरूरतमंद लोगों को अपना टारगेट बनाते हैं, खासकर उन लोगों को जिन्हें अचानक पैसों की जरूरत होती है। शुरुआत में ये बहुत लुभावने लगते हैं – बिना झंझट लोन, कोई गारंटी नहीं, कोई CIBIL स्कोर की चिंता नहीं। लेकिन एक बार आपने इनके जाल में कदम रख दिया तो समझिए जेब ढीली और मानसिक तनाव पक्का!
ये ऐप्स अक्सर बहुत अधिक ब्याज दर, छिपे हुए चार्ज, और EMI की सख्त शर्तों के साथ लोन देते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि डिफॉल्ट करने पर ये ऐप्स यूज़र्स के फोन डेटा तक पहुंचकर उन्हें धमकाने लगते हैं – जैसे कि कॉन्टैक्ट्स को मैसेज भेजना, गैलरी की फोटो का दुरुपयोग करना आदि।
झटपट लोन लेने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें:
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NBFC या RBI से रजिस्टर्ड ऐप्स का ही उपयोग करें।
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लोन की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शर्तें ध्यान से पढ़ें।
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किसी भी ऐप को संवेदनशील परमिशन (जैसे कॉन्टैक्ट, कैमरा, गैलरी आदि) देने से पहले दो बार सोचें।
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प्लेस्टोर रेटिंग और यूजर रिव्यू जरूर चेक करें।
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लोन की जरूरत हो तो पहले बैंक या अधिकृत वित्तीय संस्थानों से संपर्क करें।

