कानपुर। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाओं का दिन घर, परिवार और कामकाज की जिम्मेदारियों के बीच गुजरता है। ऐसे में कई महिलाएं अक्सर थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस करती हैं। हालांकि, लगातार थकान को केवल काम का दबाव या नींद की कमी मानकर नजरअंदाज करना उचित नहीं है। इसके पीछे शरीर में आयरन की कमी, विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी, थायराइड की समस्या, मानसिक तनाव और हार्मोनल बदलाव जैसे कई कारण हो सकते हैं। डॉ. प्रिया त्रिवेदी ने बताया कि यदि महिलाओं को लंबे समय तक थकान और कमजोरी महसूस होती है, तो इसके कारणों पर ध्यान देना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
आयरन की कमी से हो सकती है लगातार थकान
महिलाओं में लगातार थकान का एक प्रमुख कारण आयरन की कमी और एनीमिया हो सकता है। खासकर मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव होने पर इसका जोखिम बढ़ जाता है। शरीर में आयरन की कमी होने से हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो सकता है, जिससे शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने में परेशानी होती है। इसके कारण कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, त्वचा का पीला पड़ना, दिल की धड़कन तेज महसूस होना और थोड़ा काम करने पर सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विटामिन बी12 और डी की कमी भी है एक कारण
शरीर को स्वस्थ रखने और ऊर्जा के सामान्य स्तर को बनाए रखने में विटामिन और मिनरल्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विटामिन बी12 की कमी से थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट और कुछ मामलों में खून की कमी हो सकती है। वहीं, विटामिन डी की कमी से मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है। यदि ऐसे लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर की सलाह पर आवश्यक जांच करानी चाहिए।
थायराइड की समस्या को भी न करें नजरअंदाज
थायराइड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब थायराइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बनाती, तो इस स्थिति को हाइपोथायरॉइडिज्म कहा जाता है। इससे महिलाओं को लगातार थकान, वजन बढ़ने, कब्ज, ठंड अधिक लगने, त्वचा रूखी होने, बाल झड़ने और मासिक धर्म में बदलाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार थायराइड की जांच कराना उपयोगी हो सकता है।
नींद की कमी और मानसिक तनाव भी बढ़ाते हैं परेशानी
पर्याप्त नींद नहीं लेना, काम का दबाव, परिवार की जिम्मेदारियां और लगातार मानसिक तनाव भी शरीर की ऊर्जा को प्रभावित कर सकते हैं। तनाव के कारण नींद की गुणवत्ता खराब हो सकती है, जिससे दिनभर सुस्ती, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी और थकान बनी रह सकती है। इसलिए महिलाओं के लिए अपनी दिनचर्या में आराम, पर्याप्त नींद और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।
हार्मोनल बदलाव और अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं जिम्मेदार
मासिक धर्म, गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव महिलाओं की नींद, मनोदशा और ऊर्जा के स्तर पर असर डाल सकते हैं। इसके अलावा डायबिटीज, संक्रमण, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी लगातार थकान का कारण बन सकती हैं। इसलिए यदि थकान लंबे समय तक बनी रहती है या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगते हैं, तो इसके वास्तविक कारण का पता लगाना जरूरी है।
लगातार थकान से बचने के लिए क्या करें?
महिलाओं को अपने खानपान में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, फल, प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ और आयरन युक्त भोजन शामिल करना चाहिए। आयरन के अवशोषण में मदद के लिए विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे आंवला, अमरूद और नींबू भी उपयोगी हो सकते हैं। इसके साथ पर्याप्त पानी पीना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और हर दिन पर्याप्त नींद लेना जरूरी है।
बिना जांच के आयरन या विटामिन की खुराक लेना उचित नहीं है। लगातार थकान होने पर डॉक्टर लक्षणों के अनुसार हीमोग्लोबिन, आयरन, विटामिन बी12, विटामिन डी, थायराइड या ब्लड शुगर की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। यदि थकान के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी, बेहोशी या बहुत तेज धड़कन हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

