कानपुर में बेसमेंट में चल रहे डांस अकादमी, कोचिंग, अस्पताल, जिम और योग सेंटर पर फायर सेफ्टी का सवाल, बिना NOC संचालित परिसरों की हो जांच

कानपुर। शहर में बेसमेंट में संचालित हो रहे डांस अकादमी, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, जिम और योग सेंटर जैसे संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासतौर पर ऐसे स्थान, जहां बड़ी संख्या में छात्र, मरीज, महिलाएं, बच्चे या अन्य लोग नियमित रूप से पहुंचते हैं, वहां अग्नि सुरक्षा मानकों और आवश्यक फायर एनओसी (NOC) की स्थिति की जांच जरूरी है।

बेसमेंट में आग लगने की स्थिति में धुआं तेजी से भरने, बाहर निकलने के सीमित रास्ते और आपातकालीन निकासी में परेशानी जैसी परिस्थितियां जोखिम बढ़ा सकती हैं। ऐसे में संबंधित विभागों द्वारा यह जांच किया जाना महत्वपूर्ण है कि चिन्हित परिसरों में फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, पर्याप्त वेंटिलेशन और अन्य निर्धारित सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद हैं या नहीं।

बिना NOC संचालित परिसरों की हो जांच

फायर सेफ्टी की दृष्टि से ऐसे बेसमेंट परिसरों का सत्यापन किया जाना चाहिए जहां फायर एनओसी प्राप्त होने की पुष्टि नहीं है या एनओसी की स्थिति स्पष्ट नहीं है। संबंधित विभागों को दस्तावेजों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण करने की आवश्यकता है, ताकि नियमों के अनुरूप संचालन हो रहा है या नहीं, यह स्पष्ट हो सके।

डांस अकादमी और जिम में भी जरूरी सुरक्षा

डांस अकादमी और जिम में एक समय में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रह सकते हैं। वहीं योग सेंटर और कोचिंग संस्थानों में भी बच्चों, युवाओं और महिलाओं की आवाजाही रहती है। ऐसे स्थानों पर आपात स्थिति में सुरक्षित और त्वरित निकासी की व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।

  1. अस्पतालों में सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण

बेसमेंट में संचालित अस्पताल या स्वास्थ्य संबंधी संस्थानों के मामले में फायर सेफ्टी का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि मरीजों को आपात स्थिति में स्वयं बाहर निकलने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे परिसरों में फायर अलार्म, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सहित सभी निर्धारित मानकों का निरीक्षण आवश्यक है।

AMD News की मांग है कि कानपुर में बेसमेंट में संचालित डांस अकादमी, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, जिम और योग सेंटर का संबंधित विभागों द्वारा फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। जिन परिसरों में आवश्यक अनुमति या सुरक्षा मानक पूरे नहीं पाए जाएं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

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