विश्व पर्यटन दिवस पर झाँसी में ग्रामीण पर्यटन क्यूरेटेड टूर, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के छात्रों ने जाना गांवों का इतिहास और संस्कृति

झाँसी। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर 27 सितंबर 2026 को पर्यटन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश ग्रामीण पर्यटन परियोजना के अंतर्गत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए ग्रामीण पर्यटन आधारित क्यूरेटेड टूर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन विभाग एवं पर्यटन विभाग की संस्था आदर्श सेवा समिति के सहयोग से किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड एवं नगर मजिस्ट्रेट ने हरी झंडी दिखाकर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के भ्रमण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान विद्यार्थियों को पर्यटन ग्राम पठाकरका एवं रानीपुर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं ग्रामीण जीवन से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराया गया।

पठाकरका में चंदेलकालीन विरासत और तुलसी की खेती का अवलोकन

भ्रमण कार्यक्रम के दौरान पठाकरका में विद्यार्थियों को चंदेलकालीन गौरहा का मठ दिखाया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में की जा रही तुलसी की खेती का भी विद्यार्थियों ने अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्हें ग्रामीण कृषि, स्थानीय संसाधनों तथा उनसे जुड़ी आजीविका की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

रानीपुर में लोक-संगीत और ग्रामीण संस्कृति से हुए रूबरू

इसी क्रम में रानीपुर के देवरीसिंहपुर में विद्यार्थियों ने स्थानीय भजन एवं लोक-संगीत की सांस्कृतिक प्रस्तुति का आनंद लिया। ग्रामीण कलाकारों की प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को बुंदेलखंड की स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर मिला।

ग्रामीण पर्यटन से रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने पर जोर

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को ग्रामीण पर्यटन से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें ग्रामीण परिवेश, स्थानीय परंपराओं, संस्कृति एवं जीवनशैली से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना रहा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देना भी इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी.के. शर्मा ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने, ग्रामीण संस्कृति एवं विरासत को पर्यटकों से जोड़ने तथा स्थानीय समुदाय की आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी.के. शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस ग्रामीण पर्यटन भ्रमण कार्यक्रम को विद्यार्थियों ने सराहा। विद्यार्थियों ने ग्रामीण जीवन, ऐतिहासिक विरासत, कृषि एवं लोक-संस्कृति से जुड़े अनुभवों को ज्ञानवर्धक और रोचक बताया।

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