राष्ट्रीय लोक अदालत में झाँसी में रिकॉर्ड 2,78,154 वादों का निस्तारण

झाँसी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SALSA) के तत्वावधान में वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार, 12 सितंबर 2026 को दीवानी न्यायालय परिसर, झाँसी में किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झाँसी श्रीमती कमलेश कच्छल ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर लोक अदालत के नोडल अधिकारी श्री शरद कुमार चौधरी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती ईशा त्रिपाठी, अन्य न्यायिक अधिकारी, बार संघ के पदाधिकारी तथा बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत की विभिन्न खंडपीठों द्वारा आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर रिकॉर्ड 2,78,154 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें 49 वैवाहिक प्रकरण, 67 अन्य सिविल वाद तथा 7,049 अन्य वाद शामिल रहे।

लोक अदालत में 8,641 शमनीय आपराधिक वादों का निस्तारण करते हुए 6,45,295 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। वहीं विभिन्न राजस्व एवं दाण्डिक न्यायालयों द्वारा 144 राजस्व वाद, 1,309 आपराधिक वाद, 10,816 विद्युत उपभोक्ता वाद, 149 श्रम विवाद तथा 94,885 जनहित गारंटी अधिनियम से संबंधित वादों का निस्तारण किया गया।

प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान किया गया। विभिन्न बैंकों से संबंधित 1,349 ऋण मामलों में 2,86,77,026 रुपये की धनराशि से जुड़े मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा मोबाइल बिल से संबंधित 6 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी समाधान हुआ।

विभिन्न न्यायालयों में भी हुआ व्यापक निस्तारण

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री मनराज सिंह द्वारा 55 वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आदित्य चतुर्वेदी द्वारा 2 वाद, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट श्री नेत्रपाल सिंह द्वारा 1 वाद तथा विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम श्री कमलकान्त श्रीवास्तव द्वारा 1 वाद का निस्तारण किया गया।

विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट श्री शिवकुमार तिवारी द्वारा 208 वाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री देवाशीष द्वारा 1 वाद तथा अपर प्रधान न्यायाधीश, अपर पारिवारिक न्यायालय श्री हरीष चन्द्र द्वारा 49 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया गया।

इसी क्रम में विभिन्न सिविल एवं मजिस्ट्रेट न्यायालयों द्वारा भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुधा यादव ने 3,119 वादों का निस्तारण किया। अपर सिविल जज (सीडी)/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अनिल कुमार सप्तम ने 2,009 वाद, सिविल जज (सीडी) गरौठा श्री मयंक प्रकाश ने 1,475 वाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सुमित परासर ने 1,157 वाद तथा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे श्री प्रतीक त्रिपाठी ने 1,980 वादों का निस्तारण किया।

इसके अलावा मऊरानीपुर, मोंठ, गरौठा, टहरौली सहित विभिन्न न्यायालयों में भी सैकड़ों वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में बड़ी संख्या में वादकारियों को आपसी सहमति से विवादों का समाधान मिलने से उन्हें लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली।

जनपद न्यायाधीश ने किया पीठों और स्टॉलों का निरीक्षण

जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती कमलेश कच्छल ने लोक अदालत की विभिन्न पीठों एवं स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने वादकारियों से संवाद करते हुए उन्हें आपसी सुलह एवं समझौते के माध्यम से मामलों का समाधान करने के लिए प्रेरित किया।

अपर जिला जज श्री शरद कुमार चौधरी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती ईशा त्रिपाठी ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, बैंक एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों, स्वास्थ्य टीम, बार संघ के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से 12 सितंबर 2026 को झाँसी में रिकॉर्ड 2,78,154 वादों का निस्तारण संभव हो सका।

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