कानपुर (साकेत नगर) गणेश चतुर्थी का त्योहार नजदीक आते ही कानपुर के साकेत नगर बाजार में गणपति बप्पा की मूर्तियों की दुकानें सज गई हैं। बाजार में चारों ओर बप्पा के जयकारों और खूबसूरत मूर्तियों की जगमगाहट देखने को मिल रही है। साकेत नगर के इस मुख्य बाजार से हमारी चीफ़ एडिटर सलोनी तिवारी ने एक खास ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की, जिसमें मूर्तियों की विविधता, कारीगरी और श्रद्धालुओं के उत्साह की झलक देखने को मिली।
कोलकाता की खास मिट्टी से तैयार हुई हैं मूर्तियां बाजार में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र कोलकाता से लाई गई इको-फ्रेंडली मिट्टी की मूर्तियां हैं। कारीगरों के मुताबिक, कोलकाता की मिट्टी की गुणवत्ता बेहद अच्छी और चिकनी होती है, जिससे मूर्तियों में बारीक से बारीक कारीगरी और अद्भुत फिनिशिंग निकलकर आती है। हालांकि बाजार में प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियां भी उपलब्ध हैं, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की पहली पसंद और भारी मांग मिट्टी (इको-फ्रेंडली) की मूर्तियों की ही है।
अद्भुत श्रृंगार और नए मॉडल्स दुकानों पर एक से बढ़कर एक मनमोहक मूर्तियां सजाई गई हैं। बप्पा के मुकुट, हार, वस्त्र और रंग-बिरंगे स्टोन (नग) से की गई नक्काशी हर किसी का मन मोह रही है। इस बार मूर्तियों के मॉडल में भी कुछ नया प्रयोग देखने को मिल रहा है; पारंपरिक मूषक (चूहे) के अलावा इस बार भगवान गणेश के साथ मोर, गाय और अन्य प्राकृतिक मॉडलों के आधार पर बनी मूर्तियां विशेष रूप से तैयार की गई हैं।
दूर-दराज के शहरों से पहुंच रहे श्रद्धालु साकेत नगर का यह बाजार सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी खरीदारी का बड़ा केंद्र बन चुका है। कानपुर नगर व देहात के अलावा आगरा और फिरोजाबाद जैसे दूर-दराज के शहरों से भी लोग विशेष रूप से यहां बप्पा की मनभावन मूर्तियां खरीदने पहुंच रहे हैं। त्योहार को लेकर बाजार में भारी उत्साह और चहल-पहल बनी हुई है।
