टीवी चैनलों पर विज्ञापनों की 12 मिनट की सीमा खत्म, TRAI ने 2012 के विज्ञापन अवधि नियम किए निरस्त

नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 10 सितंबर 2026 को ‘सेवा की गुणवत्ता के मानक (टेलीविजन चैनलों में विज्ञापनों की अवधि) (निरसन) विनियम, 2026’ जारी कर वर्ष 2012 में लागू किए गए टेलीविजन चैनलों पर विज्ञापनों की अवधि से संबंधित नियमों को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही इन नियमों के तहत जारी सभी आदेश और निर्देश भी समाप्त हो जाएंगे।

TRAI के वर्ष 2012 के विनियमों के तहत किसी कार्यक्रम के प्रसारण के दौरान एक घंटे में अधिकतम 12 मिनट तक विज्ञापन प्रसारित करने की सीमा निर्धारित थी। इन नियमों का उद्देश्य टेलीविजन चैनलों पर विज्ञापनों की अवधि को नियंत्रित करना तथा दर्शकों के हितों और सेवा की गुणवत्ता की रक्षा करना था।

इन विनियमों के माध्यम से TRAI को उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए सेवा प्रदाताओं को आवश्यक आदेश एवं निर्देश जारी करने का अधिकार भी प्राप्त था।

सरकार ने पहले ही हटाई थी 12 मिनट की सीमा

दरअसल, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 21 अगस्त 2026 को सरकारी गजट में अधिसूचना जारी कर केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7 के उप-नियम (11) को हटा दिया था। इसी प्रावधान के तहत टेलीविजन चैनलों पर विज्ञापनों की अवधि को लेकर सीमा निर्धारित थी।

नियम 7(11) हटाए जाने के बाद टीवी चैनलों के लिए 12 मिनट प्रति घंटे की विज्ञापन सीमा समाप्त हो गई। सरकार के अनुसार, टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में हुए व्यापक बदलाव, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और दर्शकों की बदलती पसंद को देखते हुए यह बदलाव किया गया है।

TRAI ने केंद्र सरकार के फैसले के अनुरूप लिया निर्णय

केंद्र सरकार द्वारा विज्ञापन अवधि की सीमा समाप्त किए जाने के बाद 2012 के TRAI विनियमों को बनाए रखना केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के मौजूदा प्रावधानों के अनुरूप नहीं होता।

इसी को ध्यान में रखते हुए TRAI ने ‘सेवा की गुणवत्ता के मानक (टेलीविजन चैनलों में विज्ञापनों की अवधि) (निरसन) विनियम, 2026’ के जरिए 2012 के विनियमों तथा उनके तहत जारी सभी आदेशों एवं निर्देशों को निरस्त करने का निर्णय लिया है।

नया निरसन विनियम सरकारी गजट में इसकी अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी होगा।

क्या होगा असर?

इस बदलाव के बाद टेलीविजन चैनलों पर विज्ञापनों की अवधि के संबंध में लागू 12 मिनट प्रति घंटे की पुरानी नियामकीय सीमा समाप्त हो गई है। इससे प्रसारण कंपनियों को विज्ञापन समय के प्रबंधन में अधिक लचीलापन मिलेगा और सरकार के अनुसार टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तथा कारोबार को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *