झांसी में ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत स्कूली वाहनों की सघन जांच, 13 वाहन थानों में निरुद्ध

झांसी। उत्तर प्रदेश शासन एवं जिलाधिकारी झांसी के निर्देशों के क्रम में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत जनपद में स्कूली वाहनों की सघन जांच की गई। परिवहन विभाग की विशेष टीम ने 161 विद्यालयों में संचालित 514 स्कूली वाहनों का भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान 48 स्कूली वाहनों की निर्धारित मॉडल कंडीशन/आयु सीमा पूरी पाई गई। इनमें अधिकांश वाहन स्कूल प्रबंधन द्वारा स्क्रैप कराए जा चुके थे अथवा संचालन में नहीं थे। संबंधित विद्यालयों की ओर से पंजीयन निलंबन अथवा निरस्तीकरण के लिए आवेदन दिए गए, जिसके आधार पर इन सभी वाहनों का पंजीयन निलंबित कर दिया गया।

वहीं 22 ऐसे वाहन पाए गए, जिनकी फिटनेस या परमिट की वैधता समाप्त हो चुकी थी अथवा वे निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधन को एक सप्ताह का समय देकर फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानक पूरे कराने के निर्देश दिए गए। निर्धारित अवधि के बाद दोबारा जांच और प्रवर्तन कार्रवाई की गई, जिसमें 13 वाहनों को विभिन्न थानों में निरुद्ध किया गया।

इसके अलावा विद्यालय प्रबंधन द्वारा 3 वाहनों को स्क्रैप कराकर पंजीयन निरस्त कराया गया, जबकि 3 वाहनों ने निर्धारित मानक पूरे कर वैध फिटनेस एवं परमिट प्राप्त कर लिए। दो विद्यालयों ने बताया कि उनके वाहन प्रदेश से बाहर खड़े हैं और संचालन में नहीं हैं। इन वाहनों के पंजीयन निरस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है। एक वाहन मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ा मिला।

निजी वाहनों से आने वाले विद्यार्थियों पर भी सख्ती

परिवहन विभाग ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को निजी दोपहिया वाहन से विद्यालय आने की अनुमति न दी जाए। 18 वर्ष की आयु पूरी कर निजी दोपहिया वाहन से आने वाले विद्यार्थियों के लिए हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले निजी वाहन, ईको और मारुति वैन आदि के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। 57 वाहनों को थानों में निरुद्ध किया गया और 78 वाहनों के चालान किए गए। अब तक 18 वाहनों ने निर्धारित मानक पूरे कर परमिट प्राप्त कर लिए हैं।

नियमों का उल्लंघन करने पर विद्यालय प्रबंधन भी जिम्मेदार

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी विद्यालय निर्धारित स्कूली वाहन मानकों के साथ वैध परमिट, फिटनेस और अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से पूरे कराएं। बिना वैध परमिट, फिटनेस और सुरक्षा मानकों के किसी भी वाहन का संचालन न किया जाए।

भविष्य में नियमों का उल्लंघन करते हुए ऐसे वाहन संचालित पाए जाने पर केंद्रीय मोटरयान अधिनियम एवं नियमों के तहत वाहन को निरुद्ध करने और चालान की कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित विद्यालय प्रशासन को भी जिम्मेदार मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबंधित विद्यालय की मान्यता आदि के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई के लिए अनुरोध किया जाएगा।

परिवहन विभाग ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।

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