नहीं हिले हनुमान जी! भक्त बोले- बजरंगबली यहीं रहना चाहते हैं, अवधेश पुरी महाराज ने भी कहा- दुस्साहस नहीं करना चाहिए

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में चल रहे मार्ग चौड़ीकरण के बीच छत्रीचौक के समीप स्थित खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर मामला अब प्रशासनिक निर्णय से आगे बढ़कर आस्था और विरासत का विषय बन गया है। मंदिर का स्ट्रक्चर हटाए जाने के बावजूद खड़े हनुमानजी की प्रतिमा को नए स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जा सका। इसके बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और भक्त इसे बजरंगबली की इच्छा से जोड़कर देख रहे हैं।

इस बीच अवधेश पुरी जी महाराज ने भी खड़े हनुमानजी की प्रतिमा को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “हमारी इच्छा वही है जो खड़े हनुमान जी की इच्छा है। जब हनुमान जी महाराज जाना नहीं चाहते तो हमें भी दुस्साहस नहीं करना चाहिए। वहीं हनुमान जी का भव्य मंदिर बनाकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए।” उनके इस बयान के बाद प्रतिमा को उसी स्थान पर रखने की मांग को और बल मिला है।

प्रशासन ने कहा- अभी प्रतिमा हटाने का कोई प्रयास नहीं

हालांकि प्रशासन ने बुधवार को स्पष्ट किया कि अभी तक प्रतिमा को हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। इंटरनेट मीडिया पर प्रशासन द्वारा प्रतिमा को स्थानांतरित करने की कोशिश किए जाने संबंधी खबरों को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने भ्रामक बताया।

कलेक्टर ने कहा कि पहले विशेषज्ञों की टीम प्रतिमा की गहराई, आधार और संरचना का परीक्षण करेगी। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर ही प्रतिमा को लेकर आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।

4 सितंबर को हटाया गया था मंदिर का स्ट्रक्चर

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और मार्ग चौड़ीकरण की योजना के तहत 4 सितंबर को नगर निगम और प्रशासन की टीम ने मंदिर का स्ट्रक्चर हटा दिया था। योजना के अनुसार प्रतिमा को टंकी चौक पर स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।

बताया गया कि उसी दिन प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रतिमा की नींव और गहराई अधिक होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद देवस्थल पर टेंट लगाकर श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था जारी रखी गई।

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