झांसी, 08 सितंबर 2026। असमय बारिश से फसलों को हुए नुकसान को लेकर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का हित सरकार की प्राथमिकता है और फसल क्षति का त्वरित आंकलन कर प्रभावित किसानों को समयबद्ध तरीके से मुआवजा दिलाया जाए।
कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में बारिश से प्रभावित फसलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तहसील स्तर पर गठित टीमों को निर्देशित किया कि राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी संयुक्त रूप से फसल क्षति का तत्काल सर्वे करें। सर्वे के आधार पर वास्तविक नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसानों को जल्द राहत मिल सके।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड में जाकर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लें और फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आंकलन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। क्षति का आंकलन पूरा होते ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिए कि फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों से लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखें। सभी आवश्यक सूचनाएं समय से एकत्र कर शासन को भेजी जाएं, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा ने बताया कि जनपद की सभी तहसीलों में टीमें गठित कर दी गई हैं। इन टीमों में लेखपाल, प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी), बीटीएम/एटीएम तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि शामिल हैं। टीमों द्वारा प्रतिदिन किए जा रहे कार्यों का लेखाजोखा और संबंधित सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और आपदा की स्थिति में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित किसानों को समय पर उचित सहायता और मुआवजा मिल सके।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, एसडीएम न्याय झांसी सुभेंदु शेखर सिंह, किसान सुगर सिंह पुत्र दुर्गा प्रसाद निवासी कोछांभांवर मौजा मडोरा सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित लोग उपस्थित रहे।
