लखनऊ। चित्रकूट दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित फसलों और मकानों की क्षति का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे के आधार पर क्षति का आकलन करते हुए प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बाढ़ से प्रभावित व्यापारियों, मठ-मंदिरों एवं अन्य प्रतिष्ठानों को हुए नुकसान का भी आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मंदाकिनी नदी पर बने फुट ओवरब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश देते हुए सुरक्षा मानकों की जांच सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदाकिनी नदी में सीवर और नालों का गंदा पानी गिरने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीवर की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत एवं पुनर्वास के साथ-साथ भविष्य में बाढ़ की स्थिति से बचाव के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। उन्होंने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पहले से तैयारियां पूरी रखने, स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करना होगा।
