झांसी। शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश सरकार की ओर से उत्कृष्ट शिक्षकों के सम्मान में राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, नवाचार और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद झांसी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों सहित कुल 81 शिक्षकों को अपने हाथों से पुरस्कार प्रदान किए और उनसे आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के लिए शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के विद्यालयों में व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि टिप्पणी करना आसान है, लेकिन किसी कार्य को धरातल पर करके दिखाना कठिन होता है।
सीएम योगी ने कहा कि जिस बच्चे को शिक्षक आज पढ़ा रहे हैं, यदि उसके भविष्य को लेकर आज कोई चूक हुई तो उसका बचपन दोबारा वापस नहीं आएगा। इसलिए शिक्षकों को समय के साथ सही दिशा में और सही समय पर निर्णय लेने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने बदलती तकनीक के अनुरूप शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि एआई, रोबोटिक्स और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के दौर में शिक्षा व्यवस्था को भी इनके अनुरूप आगे बढ़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक संसाधनपूर्ण, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य अध्यापक पुरस्कार की राशि को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की समस्याओं का समाधान अब फाइलों में कैद नहीं रहेगा, बल्कि उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब तथा 1129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं 2 लाख 61 हजार से अधिक शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में पुराने एवं जर्जर विद्यालय भवनों के स्थान पर नए भवनों के निर्माण के लिए 1500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई गई है, जिससे 2100 से अधिक विद्यालयों के भवनों में सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के दूसरे राष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए प्रदेशवासियों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु के महत्व का उल्लेख करते हुए वेदव्यास, चाणक्य, सुश्रुत, चरक और आर्यभट्ट जैसे महान विद्वानों के योगदान को भी याद किया।
जनपद में 130 शिक्षकों का हुआ सम्मान
गोरखपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के सीधे प्रसारण के बाद जनपद झांसी में आयोजित समारोह में जनप्रतिनिधियों ने बेसिक शिक्षा विभाग के 85 एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 45 शिक्षकों, कुल 130 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सदस्य विधान परिषद श्रीमती रमा निरंजन, सदस्य विधान परिषद श्री रामतीर्थ सिंघल, सदस्य विधान परिषद डॉ. बाबूलाल तिवारी, विधायक गरौठा श्री जवाहरलाल राजपूत, विधायक बबीना श्री राजीव सिंह पारिछा एवं श्री आरपी निरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय और विद्यार्थी की वास्तविक पहचान शिक्षक के प्रभावी व्यक्तित्व एवं कार्यशैली से होती है। शिक्षकों की पूरे वर्ष की मेहनत, लगन और समर्पण का प्रतिफल ही शिक्षक सम्मान है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ मोबाइल एवं इंटरनेट के सदुपयोग के प्रति भी जागरूक करने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दिखाई प्रतिभा
शिक्षक दिवस समारोह में विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम परिसर में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए। जनप्रतिनिधियों ने स्टॉलों का अवलोकन कर लर्न बाई डूइंग, समावेशी शिक्षा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तथा अटल टिंकरिंग लैब जैसी पहल की जानकारी ली और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के अंत में जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रती वर्मा ने जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों, गणमान्य नागरिकों एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सम्मानित शिक्षक श्री मिलन गुप्ता, श्री राजीव बबेले सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
