एमएसएमई वेण्डर डेवलपमेंट कार्यक्रम का समापन, उद्यमियों को निर्यात और ई-कॉमर्स के अवसरों की दी जानकारी

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय वेण्डर डेवलपमेंट कार्यक्रम का गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने उद्यमियों को विदेश व्यापार, निर्यात संवर्धन, ई-कॉमर्स, सरकारी योजनाओं तथा सार्वजनिक खरीद व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।

समापन सत्र में डीजीएफटी, कानपुर के सहायक निदेशक श्री एस.के. निराला ने विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की भूमिका और कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि DGFT भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाला प्रमुख कार्यालय है, जिसका उद्देश्य देश के विदेश व्यापार को बढ़ावा देना और उसे सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि DGFT विदेश व्यापार नीति (FTP) को लागू करने के साथ आयात-निर्यात से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं एवं योजनाओं का संचालन करता है।

श्री निराला ने उद्यमियों को IEC (Importer Exporter Code), Advance Authorisation, EPCG सहित विदेश व्यापार नीति से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में DGFT की भूमिका मुख्य रूप से ‘फैसिलिटेटर’ की है, जिसका उद्देश्य व्यापार को नियंत्रित करने के बजाय उसे सरल बनाना और निर्यात को प्रोत्साहित करना है।

वहीं EEPC, नई दिल्ली की मिस शाज़िया ने इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद की भूमिका पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि EEPC भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने, भारतीय इंजीनियरिंग उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने तथा निर्यातकों को व्यापार संबंधी जानकारी एवं मार्गदर्शन देने का कार्य करती है। उन्होंने Buyer-Seller Meets, विदेशी खरीदारों से MSMEs को जोड़ने, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों एवं व्यापार मेलों में भागीदारी तथा निर्यातकों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने जैसी गतिविधियों की जानकारी भी दी।

वॉलमार्ट वृद्धि के प्रतिनिधि श्री विकास त्यागी ने MSMEs के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड होने की प्रक्रिया और ऑनलाइन बाजार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। वहीं ECGC, आगरा के प्रबंधक श्री मनीष बोहरा ने अपने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं निर्यातकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में बुन्देलखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, झांसी के अध्यक्ष श्री धीरज खुल्लर ने कहा कि एमएसएमई का वेण्डर डेवलपमेंट कार्यक्रम बुन्देलखण्ड क्षेत्र के उद्यमियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और प्रतिस्पर्धा के साथ उत्पादों की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार होगा।

एमएसएमई विकास कार्यालय, कानपुर के सहायक निदेशक श्री नीरज कुमार ने मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सार्वजनिक खरीद नीति एवं GeM (Government e-Marketplace) के संबंध में उद्यमियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए सरकारी खरीद व्यवस्था में MSMEs की भागीदारी के अवसरों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अंत में एमएसएमई विकास कार्यालय, कानपुर के सहायक निदेशक श्री के.पी. शील ने सभी अतिथियों, उद्यमियों एवं प्रतिभागियों का कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर श्री समर्थ दीक्षित, डायरेक्टर, ओराइन किड्स डिजिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, सुश्री मनस्वी द्विवेदी, सुश्री काव्या द्विवेदी, श्री शिवम नामदेव सहित जनपद के विभिन्न स्टार्टअप एवं युवा उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों को बाजार विस्तार, सरकारी खरीद, ई-कॉमर्स और निर्यात के क्षेत्र में नए अवसरों की जानकारी मिली।

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