झांसी – किसानों की आय बढ़ाने को आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती पर जोर, सीडीओ ने दिए व्यापक कार्ययोजना के निर्देश

झांसी। विकास भवन सभागार में ‘‘नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी’’ के शासी निकाय एवं ‘‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन’’ की जिला क्रियान्वयन समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीक को खेतों तक पहुंचाने, श्रीअन्न (मिलेट्स), प्राकृतिक खेती और पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने सहित कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।

बैठक में सीडीओ ने कहा कि शासन ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। किसानों को उनके खेत पर ही आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराकर खेती से आय बढ़ाने में सहयोग करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के तहत किसानों को प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनकी क्षमता वृद्धि के लिए विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों का भ्रमण भी कराया जाए।

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रगतिशील किसानों को आगे लाया जाए, जो प्रशिक्षण के बाद अपने क्षेत्र के अन्य किसानों तक भी नई कृषि तकनीकों की जानकारी पहुंचा सकें। इससे अधिक से अधिक किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल कर सकेंगे।

सीडीओ ने किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी ढंग से काम करने के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश मिलेट्स (श्रीअन्न) पुनरोद्धार कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने मिलेट्स के प्रति जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न राजकीय विद्यालयों की छात्राओं को मिलेट्स कैफे और स्टोर का भ्रमण कराने तथा श्रीअन्न से होने वाले स्वास्थ्य लाभों और इसके व्यंजनों की रेसिपी की जानकारी देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि श्रीअन्न से तैयार पौष्टिक व्यंजनों के बारे में महिलाओं को जानकारी दी जाए। मिलेट्स आधारित आहार में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी देकर महिलाओं में एनीमिया की समस्या से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।

एफपीओ के कृषि यंत्रों का होगा सत्यापन

आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में सीडीओ ने पिछले वर्षों में एफपीओ को अनुदान पर वितरित किए गए कृषि यंत्रों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अनुदान पर प्राप्त कृषि यंत्रों का लाभ केवल एफपीओ तक सीमित न रहे, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों को भी मिल सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि एफपीओ अपने कृषि यंत्रों को जरूरतमंद किसानों को किराए पर उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक किसान इनका लाभ उठा सकें।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर

सीडीओ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में खेती में रसायनों और उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग के कारण स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में कम लागत वाली प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों को मृदा स्वास्थ्य सुधारने, जीवांश कार्बन बढ़ाने और रसायन एवं कीटनाशक मुक्त कृषि उत्पादों के उत्पादन के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने को प्रेरित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने गौ-आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा तैयार पंचवर्षीय क्लस्टर आधारित कार्ययोजना के तहत प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। विशेष रूप से बुंदेलखंड के जनपदों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया गया। परम्परागत कृषि विकास योजना के तहत प्रत्येक क्लस्टर में एक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए गए। किसानों को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रशिक्षण एवं भ्रमण कराने के साथ फार्मर फील्ड स्कूल के माध्यम से आवश्यक किट उपलब्ध कराने की जानकारी भी बैठक में दी गई।

किसान रथ से गांव-गांव पहुंचेगी कृषि तकनीक की जानकारी

सीडीओ ने जनपद में किसान रथ के भ्रमण कार्यक्रम का रोस्टर जारी कर ग्रामीण क्षेत्रों में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान रथ के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराई जा रही कृषि संबंधी जानकारियां अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि कर सकें।

पराली प्रबंधन की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश

सीडीओ ने तहसील टहरौली और मोंठ में ग्राम पंचायतवार मैपिंग कर ग्राम प्रधानों के साथ बैठक करने का सुझाव दिया, ताकि पराली प्रबंधन का कार्य समय रहते शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन में कृषि विभाग के एटीएम और बीटीएम की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एकल विंडो से किसानों की समस्याओं का होगा समाधान

सीडीओ ने कृषि विभाग में एकल विंडो व्यवस्था के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं का भी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में कृषि विभाग की योजनाओं के साथ-साथ विभिन्न विभागों की लाभकारी योजनाओं की जानकारी चस्पा कराने को कहा, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर आसानी से मिल सके।

बैठक का संचालन उप कृषि निदेशक श्री बुधदेव द्विवेदी ने किया। उन्होंने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के तहत प्राप्त धनराशि के सापेक्ष किए गए व्यय, प्रदर्शन, फार्म स्कूल, प्रशिक्षण, भ्रमण, किसान मेला और जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति से सीडीओ को अवगत कराया।

उप कृषि निदेशक ने गौ-आधारित प्राकृतिक खेती योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना तथा जनपद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत संचालित कार्यों की भी जानकारी दी।

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