राम मंदिर ट्रस्ट में बढ़ी महंत दिनेंद्र दास की जिम्मेदारी, प्रबंधन व्यवस्था में हुए अहम बदलाव

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हालिया घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। ट्रस्ट में नई जिम्मेदारियों के वितरण के बीच अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के महंत एवं ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। मंदिर की व्यवस्थाओं, प्रवेश पास प्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन की निगरानी अब उनके नेतृत्व में किए जाने की जानकारी सामने आई है।

महंत दिनेंद्र दास अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के महंत हैं और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में अयोध्या के एकमात्र स्थानीय संत ट्रस्टी के रूप में शामिल हैं। उन्होंने लगभग 10 वर्ष की आयु में गृह त्याग कर साधु जीवन अपनाया था। राम जन्मभूमि विवाद में निर्मोही अखाड़ा प्रमुख पक्षकार रहा है और वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय के बाद गठित ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को प्रतिनिधित्व देने के निर्देश के तहत महंत दिनेंद्र दास को ट्रस्टी बनाया गया था।

हाल के घटनाक्रम के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश पास जारी करने की व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में बदलाव किए गए हैं। अब मंदिर में प्रवेश के लिए जारी होने वाले पास महंत दिनेंद्र दास के नाम से संचालित नई डिजिटल आईडी के माध्यम से स्वीकृत किए जा रहे हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की निगरानी में भी उनकी सक्रिय भूमिका बताई जा रही है। अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन के साथ मिलकर वह प्रतिदिन व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है।

महंत दिनेंद्र दास ने हाल ही में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि भगवान को अर्पित चढ़ावे में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर की व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि रामलला के सोने-चांदी के आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं और मंदिर में दर्शन व्यवस्था पहले की तरह सुचारु रूप से जारी है।

सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में मंदिर प्रबंधन को और अधिक आधुनिक एवं पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली, प्रवेश नियंत्रण और अन्य तकनीकी सुधारों पर भी कार्य किया जा सकता है। माना जा रहा है कि महंत दिनेंद्र दास की देखरेख में इन व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय अथवा प्रशासनिक अनियमितता की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

 

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