कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार सुबह काकादेव क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पांडु नगर स्थित हरमोनी विला अपार्टमेंट का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल इमारत को खाली कराया और 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बताया जा रहा है कि सुबह हुई तेज बारिश के दौरान अपार्टमेंट के बेसमेंट की एक भारी-भरकम दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार ढहते ही जमीन धंस गई और बेसमेंट में खड़े कई दोपहिया वाहन मलबे और गहरे गड्ढे में दब गए। राहत की बात यह रही कि समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अपार्टमेंट के पास चल रहे कानपुर मेट्रो निर्माण कार्य के कारण जमीन कमजोर हुई, जिसके चलते यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही काकादेव पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। संयुक्त टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और अपार्टमेंट में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। एहतियात के तौर पर पूरे भवन को खाली करा दिया गया है।
मामले में एसीपी आकांक्षा पांडे ने बताया कि पांडु नगर स्थित हरमोनी विला में बेसमेंट की दीवार धंसने की सूचना मिलने पर पुलिस और फायर सर्विस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। प्राथमिकता सभी निवासियों को सुरक्षित बाहर निकालना थी, जिसमें सफलता मिली। उन्होंने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों की जांच कराई जा रही है और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद हरमोनी विला और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रभावित परिवारों ने मेट्रो प्रशासन से उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों व निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिससे लोगों को भूकंप जैसा एहसास हुआ। नीचे पहुंचने पर बेसमेंट की दीवार धंसी हुई मिली और कई वाहन मलबे में दबे नजर आए। फिलहाल प्रशासन पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रहा है तथा विशेषज्ञों की टीम भवन की संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन कर रही है।

