कानपुर। लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट कानपुर नगर एवं अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) के निर्देशानुसार कानपुर नगर में संचालित अस्पतालों, होटलों, कोचिंग संस्थानों तथा अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों में अग्निशमन विभाग द्वारा लगातार सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी, कानपुर नगर के नेतृत्व में सभी फायर स्टेशनों के प्रभारी अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में फायर सेफ्टी मानकों की जांच की जा रही है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी संस्थानों में अग्निकांड जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध हो।
निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों में संरचनात्मक कमियां, अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी अथवा निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया गया, उन्हें तत्काल आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 एवं नियमावली-2024 के तहत संबंधित संस्थानों को अलग से नोटिस जारी कर निर्धारित समयावधि में मानकों के अनुरूप अग्नि सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन भवनों या संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं पाई जाएंगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकरणों तथा कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) को भी पत्राचार किया जाएगा।
27 जून 2026 को जिन संस्थानों का निरीक्षण किया गया, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- आरोग्य हॉस्पिटल, कल्याणपुर
- बेबी पैराडाइज, शिवली रोड
- चरक नर्सिंग होम, शिवली रोड
- दिव्य हॉस्पिटल, शिवली रोड
- ओसियन ग्रैंड होटल, साकेत नगर
- होटल अवध, चकेरी मोड़
अग्निशमन विभाग ने सभी संस्थानों से अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें, नियमित रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट कराएं और कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दें, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से जन-धन की हानि को रोका जा सके।

