मुंबई/दार्जिलिंग। विश्व योग दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध हिंदी टीवी एवं फिल्म अभिनेत्री, योग विशेषज्ञ और योग विषय में पीएचडी प्राप्त डॉ. बैशाली घोष का एक विशेष योग शूट हिमालय की मनोरम वादियों में संपन्न हुआ। यह शूट पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के समीप स्थित एक खूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र में किया गया, जहां प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण ने योग एवं ध्यान के महत्व को और भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
डॉ. बैशाली घोष केवल अभिनय जगत की जानी-मानी हस्ती ही नहीं हैं, बल्कि वे हठ योग (Hatha Yoga), पावर योग (Power Yoga) और यिन योग (Yin Yoga) की अनुभवी प्रशिक्षक भी हैं। योग के क्षेत्र में उन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है और वर्षों से देश-विदेश में योग के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
विश्व योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष योग शूट के दौरान डॉ. बैशाली घोष ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति के बीच योग और ध्यान करने का अनुभव अत्यंत अद्भुत और सकारात्मक होता है। हिमालय की शांत वादियों, स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक ऊर्जा के बीच किया गया योग मन, शरीर और आत्मा को एक नई ऊर्जा प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि सुंदर और शांत प्राकृतिक वातावरण में योग और ध्यान करना सबसे अधिक लाभदायक होता है। पहाड़ों, नदियों, जंगलों और खुले आसमान के नीचे किया गया योग व्यक्ति को प्रकृति से जोड़ता है तथा मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होता है।
हालांकि डॉ. बैशाली का मानना है कि योग करने के लिए किसी विशेष स्थान की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति के पास समय और अवसर हो तो वह प्रकृति की गोद में योग कर सकता है, लेकिन यदि ऐसा संभव न हो तो अपने घर, छत, बालकनी, पार्क या किसी भी शांत स्थान पर नियमित योग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “योग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू नियमितता है। यदि हम प्रतिदिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए निकालें तो इससे हमारा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक कला है।”
डॉ. बैशाली घोष ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित दिनचर्या और डिजिटल उपकरणों पर बढ़ती निर्भरता के कारण लोगों में मानसिक और शारीरिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आया है। योग शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ मन को शांत और सकारात्मक बनाए रखने में भी मदद करता है।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों को योग अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। योग के माध्यम से एकाग्रता, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन विकसित होता है, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने में सहायक है।
विश्व योग दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। नियमित योगाभ्यास से न केवल बीमारियों से बचाव संभव है बल्कि जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का भी संचार होता है।
हिमालय की सुरम्य वादियों में हुए इस योग शूट ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि योग भारत की प्राचीन विरासत है, जो आज पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है। डॉ. बैशाली घोष जैसी हस्तियां योग के प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
विश्व योग दिवस पर उनका यह संदेश हर व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है कि “रोज योग करें, स्वस्थ रहें और जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भरें।”

