कानपुर। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर कानपुर के नागरिकों में असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। कई लोगों ने AMD News से बातचीत में कहा कि यातायात नियमों का पालन करने के बावजूद आम लोगों के चालान कट रहे हैं, जबकि ट्रैफिक व्यवस्था की मूलभूत कमियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नागरिकों का कहना है कि वाहन खरीदने से लेकर पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को संभालकर रखने के बावजूद कई बार चालान का सामना करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर शहर की कई सड़कें गड्ढों से भरी हुई हैं और अनेक स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लोगों ने यह भी शिकायत की कि कई स्थानों पर निर्धारित गति सीमा (स्पीड लिमिट) के बोर्ड या तो लगे नहीं हैं या ऐसे स्थानों पर हैं जहां वाहन चालक उन्हें आसानी से देख और पढ़ नहीं पाते। इसके अलावा शहर के कई ट्रैफिक सिग्नलों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। कुछ सिग्नल चालू हैं तो कुछ केवल औपचारिक रूप से लगे हुए दिखाई देते हैं, जिससे वाहन चालकों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी गैर-कार्यशील ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन चालक नियमों का पालन करते हुए रुक जाए तो पीछे से आने वाले वाहन उसे देखकर आगे निकल जाते हैं और कई बार उसका मजाक भी उड़ाते हैं। ऐसे में ट्रैफिक नियमों का पालन करने वाले लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल चालान काटने पर ध्यान देने के बजाय ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने, सड़क सुधार कार्यों को गति देने और आम जनता के बीच यातायात नियमों के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि जागरूकता और बेहतर व्यवस्था से सड़क सुरक्षा को अधिक प्रभावी ढंग से बढ़ावा दिया जा सकता है।
कानपुरवासियों का कहना है कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही प्रशासन को भी ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए जिससे जनता को नियमों का पालन करने में सुविधा हो और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

