AMD News की चीफ एडिटर सलोनी तिवारी से विशेष बातचीत में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मोहन ने दिए आंखों की देखभाल और मधुमेह-ब्लड प्रेशर से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव

कानपुर। आज के डिजिटल दौर में लोग स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं, लेकिन आंखों जैसी संवेदनशील समस्या में बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाना खतरनाक साबित हो सकता है। यह बात कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मोहन ने AMD News की चीफ एडिटर सलोनी तिवारी से विशेष बातचीत के दौरान कही।

सलोनी तिवारी द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में डॉ. शालिनी मोहन ने कहा कि सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले अधिकांश नुस्खों की कोई वैज्ञानिक प्रमाणिकता नहीं होती। आंखें ईश्वर का अनमोल उपहार हैं, जिनकी मदद से हम इस खूबसूरत दुनिया को देख पाते हैं। यदि आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या महसूस हो तो स्वयं इलाज करने के बजाय योग्य नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के उपचार संबंधी प्रश्न पर डॉ. मोहन ने बताया कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में अनुभवी एवं प्रशिक्षित डॉक्टर उपलब्ध हैं, जहां मरीजों को निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलती है। उन्होंने एक मरीज का उदाहरण साझा करते हुए बताया कि गलत उपचार और संक्रमण के कारण उसकी आंखों की स्थिति गंभीर हो गई थी। इसलिए लोगों को अपने मन से इलाज कराने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए।

बातचीत के दौरान मधुमेह (डायबिटीज) और उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) के बढ़ते मामलों पर भी चर्चा हुई। डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि लंबे समय तक अनियंत्रित रहने वाली डायबिटीज और ब्लड प्रेशर आंखों की रक्त वाहिकाओं और रेटिना पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। इससे आंखों में रक्तस्राव, दृष्टि कमजोर होना और कई बार अंधत्व जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

उन्होंने सलाह दी कि जिन लोगों को 10 वर्ष या उससे अधिक समय से डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की समस्या है, अथवा जिनका शुगर और बीपी अचानक अनियंत्रित हो गया है, उन्हें नियमित रूप से आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए। समय रहते बीमारी का पता चल जाए तो उसका सफल उपचार संभव है और दृष्टि को सुरक्षित रखा जा सकता है।

डॉ. मोहन ने लोगों से अपील की कि आंखों की किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर नेत्र परीक्षण कराते रहें, क्योंकि समय पर जांच और उपचार ही आंखों को स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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