कानपुर। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर कानपुर के जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ धाम में माँ गंगा जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और क्षेत्रीय नागरिकों ने भाग लेकर माँ गंगा का पूजन-अर्चन किया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और “हर-हर गंगे” के जयघोष से सिद्धनाथ धाम गूंज उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत सायंकाल वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन एवं यज्ञ से हुई। यज्ञ में देश, समाज और मानव कल्याण की कामना की गई। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देर रात तक मंदिर परिसर में बनी रही।
संध्या पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं ने माँ गंगा को चुनरी अर्पित कर आस्था व्यक्त की। इसके बाद आयोजित भव्य गंगा महाआरती ने सभी का मन मोह लिया। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चारण और घंटियों की ध्वनि के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय मठ मंदिर समन्वय समिति एवं माँ गंगा सेवा समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थापक बाल योगी अरुण चैतन्यपुरी महाराज ने कहा कि माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवन की आधारशिला हैं। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से माँ गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
समारोह में अनेक संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

