शिरडी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया एनआईबीई ग्रुप के अत्याधुनिक रक्षा निर्माण परिसर का उद्घाटन, ‘सूर्यस्त्र’ रॉकेट प्रणाली को दिखाई हरी झंडी

महाराष्ट्र के शिरडी में शनिवार 23 मई 2026 को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम देखने को मिला, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निजी क्षेत्र की कंपनी एनआईबीई ग्रुप के अत्याधुनिक रक्षा विनिर्माण परिसर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि “जो राष्ट्र अपने हथियार स्वयं बनाता है, वह अपना भविष्य स्वयं लिखता है।”

यह अत्याधुनिक परिसर उन्नत तोपखाने प्रणालियों, मिसाइल एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रॉकेट प्रणालियों, ऊर्जावान सामग्री तथा स्वायत्त रक्षा प्लेटफार्मों के निर्माण के लिए विकसित किया गया है। कार्यक्रम में भारत की पहली 300 किलोमीटर क्षमता वाली सार्वभौमिक रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली ‘सूर्यस्त्र’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके साथ ही एक आधुनिक मिसाइल परिसर की आधारशिला भी रखी गई।

समारोह के दौरान स्वदेशी टीएनटी संयंत्र प्रौद्योगिकी, आरडीएक्स संयंत्र प्रौद्योगिकी तथा नवीकरणीय जैव-ऊर्जा आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र का भी अनावरण किया गया। इसके अलावा उपग्रह संयोजन के क्षेत्र में एनआईबीई समूह और ब्लैक स्काई के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के युद्धों में केवल सैन्य बल का आकार नहीं, बल्कि गोला-बारूद, स्वचालन और आधुनिक तकनीक की क्षमता निर्णायक होगी। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रक्षा उत्पादन क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोला है और आज निजी क्षेत्र देश की रक्षा ताकत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राजनाथ सिंह ने बताया कि एक समय निजी क्षेत्र का योगदान रक्षा उत्पादन में नगण्य था, लेकिन अब यह 25 से 30 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और आने वाले वर्षों में इसे 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि “मेक-इन-इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान के तहत सरकार लगातार स्वदेशी रक्षा तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक हथियार प्रणालियां और स्वचालित तकनीकें भविष्य के युद्धों में निर्णायक साबित होंगी और भारत को इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों की साझेदारी से भारत का रक्षा तंत्र मजबूत हुआ है और देश वैश्विक शांति व स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम में रक्षा तकनीकों का प्रदर्शन, लघु एवं मध्यम उद्योगों की रक्षा क्षमताओं की प्रदर्शनी तथा उद्योग जगत और रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ संवाद भी आयोजित किया गया। इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत समेत कई वरिष्ठ सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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