भीषण गर्मी में कार बन रही ‘मौत का जाल’! भूलकर भी अंदर न छोड़ें ये 5 चीजें, लग सकती है आग

गर्मियों का मौसम अपने चरम पर है और तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा खतरा बंद खड़ी कारों के अंदर बढ़ते तापमान से होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बाहर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस है, तो मात्र 30 मिनट में कार के अंदर का तापमान 50 से 60 डिग्री तक पहुंच सकता है। इस स्थिति में कार किसी ओवन से कम नहीं रहती, जिससे अंदर रखी सामान्य चीजें भी खतरनाक बन सकती हैं और आग लगने का कारण बन सकती हैं।

सबसे बड़ा खतरा लाइटर और गैस से भरे सामान से होता है। लाइटर के अंदर भरी गैस गर्मी में फैलती है और दबाव बढ़ने पर यह फट सकता है। इससे निकलने वाली चिंगारी कार के प्लास्टिक या सीट में तुरंत आग लगा सकती है।

इसके अलावा, सैनिटाइजर, परफ्यूम, डिओडोरेंट और एयर फ्रेशनर भी जोखिम भरे होते हैं। इनमें मौजूद अल्कोहल और गैस ज्यादा तापमान में विस्फोट कर सकते हैं, जिससे आग लगने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल फोन, पावर बैंक और लैपटॉप भी खतरे से खाली नहीं हैं। इन उपकरणों में लगी लिथियम बैटरियां अत्यधिक गर्मी सहन नहीं कर पातीं। ज्यादा तापमान में बैटरी फूल सकती है या फट सकती है, जिससे आग लग सकती है—खासतौर पर जब इन्हें डैशबोर्ड पर रखा जाता है जहां सीधी धूप पड़ती है।

चौंकाने वाली बात यह है कि पानी की प्लास्टिक बोतल भी आग का कारण बन सकती है। सूरज की किरणें जब बोतल से गुजरती हैं, तो यह लेंस की तरह काम करती है और एक जगह अत्यधिक गर्मी पैदा कर देती है, जिससे सीट या कपड़े में आग लग सकती है।

इसी तरह कार में रखा चश्मा भी खतरा बढ़ा सकता है। इसके लेंस धूप को एक बिंदु पर केंद्रित कर सकते हैं, जिससे डैशबोर्ड या सीट गर्म होकर पिघल सकती है और आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।

ऐसे में जरूरी है कि गर्मियों में कार पार्क करते समय सतर्क रहें और इन चीजों को कभी भी कार के अंदर न छोड़ें। छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

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