देशभर में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। कहीं अचानक बारिश हो रही है, तो कहीं तेज हवाएं और ओलावृष्टि ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस समय देश में एक साथ कई वेदर सिस्टम सक्रिय हैं, जो इस अस्थिर मौसम के लिए जिम्मेदार हैं। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) लगातार उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है, जिसकी तीव्रता काफी अधिक बनी हुई है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी और मध्य भारत में नमी बढ़ा रही हैं, जिससे गरज-चमक और बारिश की घटनाएं बढ़ गई हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने की आशंका जताई गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है। इससे स्थानीय स्तर पर जनजीवन प्रभावित हुआ है।
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में भी मौसम ने करवट ले ली है। मंगलवार (7 अप्रैल) को एक बार फिर मौसम बिगड़ने के संकेत हैं। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
उत्तर प्रदेश में मौसम का असर लगभग सभी जिलों में देखने को मिल रहा है। लखनऊ, कानपुर, झांसी, सहारनपुर और अलीगढ़ सहित कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। कई स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
बिहार में भी मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कई जिलों, जिनमें पटना, गया, भोजपुर, पश्चिम और पूर्वी चंपारण शामिल हैं, में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
मौसम विभाग ने खासतौर पर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। फसलों की सुरक्षा के लिए समय रहते कटाई करने और खराब मौसम के दौरान खुले में न रहने की हिदायत दी गई है। आने वाले 72 घंटे उत्तर भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, ऐसे में लोगों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत है।

