अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में आयोजित सात दिवसीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अंतिम दिन शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। सरयू नदी के राजघाट स्थित बाटी वाले बाबा घाट के पास बने यज्ञ पंडाल में अचानक आग लग गई, जिससे पूरी यज्ञशाला जलकर राख हो गई।
यह महायज्ञ प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह के संयोजन में आयोजित किया जा रहा था। शनिवार को महायज्ञ का सातवां और अंतिम दिन था और शाम 6 बजे अंतिम आहुति होनी थी, लेकिन उससे पहले ही दोपहर में अज्ञात कारणों से आग लग गई।
आग लगने की सूचना मिलते ही परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह के साथ अभय सिंह मौके पर पहुंचे। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
बताया जा रहा है कि यह महायज्ञ बक्सर के प्रसिद्ध संत जियर स्वामी के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा था। यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आहुति देने के लिए पहुंचे थे।
जिस समय पंडाल में आग लगी, उस वक्त वहां काफी संख्या में लोग मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण कई लोग झुलसकर घायल हो गए, जिन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। आग लगने के बाद पूरे पंडाल को खाली करा लिया गया।
हवा के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया, जिससे यज्ञशाला पूरी तरह नष्ट हो गई। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।

