मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कई शहरों में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो कि इस समय के हिसाब से सामान्य से अधिक माना जा रहा है।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में गर्मी का असर अभी से महसूस किया जाने लगा है। सुबह और देर शाम के समय हल्की ठंडक जरूर बनी रहती है, लेकिन दिन चढ़ते ही धूप काफी तेज हो जाती है। दोपहर के समय लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा है और कई जगहों पर लोग अब हल्के कपड़े पहनने लगे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वर्ष गर्मी का मौसम सामान्य से थोड़ा पहले शुरू हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी के अंत से ही तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसके कारण मार्च की शुरुआत में ही गर्मी का प्रभाव दिखाई देने लगा है। आने वाले दिनों में यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी और अधिक तेज हो सकती है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप में ज्यादा देर तक रहने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे डिहाइड्रेशन, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
इसके अलावा बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत बताई जा रही है, क्योंकि मौसम में अचानक बदलाव का असर इन पर जल्दी पड़ता है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में ताजे फल, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल किसी बड़े मौसम परिवर्तन की संभावना नहीं है, इसलिए आने वाले दिनों में तापमान धीरे-धीरे और बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को अभी से गर्मी के मौसम के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

