कानपुर। होली का त्योहार जहां खुशियां और रंगों की सौगात लेकर आता है, वहीं बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंग त्वचा के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकते हैं। त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कुछ जरूरी सावधानियां बरती जाएं तो स्किन को नुकसान से बचाया जा सकता है और त्योहार का आनंद बिना किसी परेशानी के लिया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार होली खेलने से पहले शरीर के खुले हिस्सों जैसे चेहरा, हाथ और पैरों पर सरसों तेल, नारियल तेल या कोई अच्छा मॉइस्चराइज़र लगाना चाहिए। इससे त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत बन जाती है और रंग सीधे त्वचा के संपर्क में नहीं आते। बालों में भी अच्छी तरह तेल लगाने से रंगों का दुष्प्रभाव कम होता है।
धूप में होली खेलने वालों को सनस्क्रीन का उपयोग अवश्य करना चाहिए। कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन त्वचा को टैनिंग और सनबर्न से बचाने में सहायक होता है। साथ ही कोशिश करनी चाहिए कि हर्बल या प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल किया जाए, क्योंकि सस्ते और रासायनिक रंग एलर्जी, खुजली और रैशेज जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
होली खेलने के बाद त्वचा को साफ करते समय जल्दबाजी न करें। रंग छुड़ाने के लिए त्वचा को जोर से रगड़ना नुकसानदायक हो सकता है। गुनगुने पानी और माइल्ड साबुन या फेसवॉश से धीरे-धीरे सफाई करें। बेसन, दही और हल्दी का घरेलू उबटन भी रंग हटाने में कारगर माना जाता है।
नहाने के बाद त्वचा पर मॉइस्चराइज़र लगाना जरूरी है ताकि त्वचा की नमी बरकरार रहे और ड्राइनेस की समस्या न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी से होली का त्योहार सुरक्षित और खुशहाल तरीके से मनाया जा सकता है।

