जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज, कानपुर में डिस्ट्रिक्ट लेवल HIV परीक्षण EQAS कार्यशाला का सफल आयोजन

जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज, कानपुर के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एन.ए.बी.एल. से मान्यता प्राप्त एच.आई.वी. टेस्टिंग स्टेट रेफरेंस लेबोरेटरी (एस.आर.एल.) द्वारा डिस्ट्रिक्ट लेवल एच.आई.वी. परीक्षण EQAS (External Quality Assurance Scheme) कार्यशाला का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन गुणवत्ता, सटीकता एवं जनस्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण रहा।

इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल में एस.आर.एल. से संबद्ध 07 जनपदों—कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद एवं उन्नाव—के लगभग 35 ICTC/HCTS केंद्रों से करीब 50 लैब टेक्नीशियनों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों ने एच.आई.वी. परीक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रति अपनी जिम्मेदारी और समर्पण का परिचय दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधु यादव एवं आयोजन सचिव डॉ. (प्रो.) विकास मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि एवं प्राचार्य डॉ. संजय काला, प्रमुख अधीक्षक लाला लाजपत राय चिकित्सालय तथा संबंधित चिकित्सालय के प्रतिनिधि डॉ. सौरभ अग्रवाल का औपचारिक स्वागत किया गया। अतिथियों के प्रेरणादायी उद्बोधन ने कार्यशाला को उद्देश्यपूर्ण दिशा प्रदान की।

विभागाध्यक्ष डॉ. मधु यादव ने अपने संबोधन में कहा कि EQAS एक सुदृढ़ प्रणाली है, जो यह सुनिश्चित करती है कि एच.आई.वी. परीक्षण निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्णतः सटीक, विश्वसनीय एवं प्रमाणित विधियों से किया जाए। उन्होंने गुणवत्ता नियंत्रण को जनस्वास्थ्य सुरक्षा की आधारशिला बताया।

तकनीकी सत्र में वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. (प्रो.) विकास मिश्रा ने प्रतिभागियों को एच.आई.वी. परीक्षण हेतु नमूना संग्रहण की मानक विधियाँ, गुणवत्ता संवर्धन की रणनीतियाँ तथा EQAS प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उनका व्याख्यान अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रभावी रहा, जिससे प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

डा. हिमांशी प्रकाश ने बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर व्याख्यान देते हुए संक्रमण नियंत्रण एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं टेक्निकल ऑफिसर श्री इसराफ़ा हुसैन खान ने एस.आर.एल. कार्यक्रम के अंतर्गत लैब टेक्नीशियनों की भूमिका, दायित्व एवं उत्तरदायित्वों की विस्तृत जानकारी दी, जिससे प्रतिभागियों को अपने कार्य की संवेदनशीलता का सम्यक बोध हुआ।

कार्यक्रम में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संकाय सदस्य—डॉ. सुरैया खानम अंसारी, डॉ. रजनी सिंह, डॉ. रुचि गुप्ता, डॉ. मनोज कुमार एवं डॉ. दीप्ति मिश्रा—तथा समस्त रेजिडेंट्स की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की शैक्षणिक गरिमा और बढ़ी।

समापन अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. (प्रो.) विकास मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यशाला केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त उद्घोष है।

यह आयोजन एच.आई.वी. परीक्षण की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ, जिससे भविष्य में अधिक सटीक एवं विश्वसनीय परीक्षण सुनिश्चित किए जा सकेंगे।

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