सलोनी तिवारी: गोरखपुर। महाशिवरात्रि (15 फरवरी) के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखपुर स्थित Gorakhnath Temple में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रुद्राभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि व लोक मंगल की कामना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों के जीवन में शांति, समृद्धि और उन्नति की प्रार्थना की। महाशिवरात्रि के इस विशेष दिन पर उनका संदेश स्पष्ट रहा कि आस्था और कर्तव्य दोनों ही उनके जीवन के अभिन्न अंग हैं।
जनता दर्शन में सुनीं समस्याएं, त्वरित समाधान के निर्देश
पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित “जनता दर्शन” कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रत्येक प्रार्थनापत्र पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि “जनसेवा ही सर्वोपरि है और सुशासन ही हमारा संकल्प।” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम एक बार फिर यह संदेश देता है कि उनके लिए आध्यात्म और प्रशासन दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। एक ओर जहां वे शिवभक्ति में लीन दिखाई दिए, वहीं दूसरी ओर जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सुशासन के संकल्प को भी मजबूत किया।
इस प्रकार महाशिवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भक्ति और कर्तव्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हुए प्रदेशवासियों के लिए समर्पण और सेवा की मिसाल कायम की।

