नवदीप चतुर्वेदी : कानपुर। महानगर की ट्रैफिक व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। गोविंद नगर पुल पर ऑटो, ई-रिक्शा, बाइक और कार चालक शॉर्टकट के चक्कर में खुलेआम विपरीत दिशा से निकलते देखे जा रहे हैं। यह लापरवाही न केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। इसी से बचने के लिए कई वाहन चालक गलत दिशा में घुस जाते हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दफ्तर जाने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई बार ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़क किनारे मौजूद रहते हैं, लेकिन नियम तोड़ते वाहनों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती। इससे वाहन चालकों का मनोबल बढ़ रहा है और वे बिना किसी डर के गलत दिशा में वाहन चला रहे हैं।
नियमित चेकिंग और चालान की सख्ती नहीं होने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पुल पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी बढ़ाई जाए और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
हादसे की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार, पुल जैसे संकरे और व्यस्त मार्ग पर विपरीत दिशा में वाहन चलाना बेहद खतरनाक है। अचानक सामने से वाहन आने पर टक्कर की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। पिछले दिनों मामूली झड़प और गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिन्हें समय रहते रोका न गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन से अपील
स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि गोविंद नगर पुल पर सख्त निगरानी रखी जाए, बैरिकेडिंग मजबूत की जाए और ट्रैफिक पुलिस की सक्रिय तैनाती सुनिश्चित की जाए।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो शॉर्टकट की यह आदत किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है।

