चित्रकूट जनपद के राजकीय जिला पुस्तकालय में संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय निःशुल्क कोचिंग योजना का जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कोचिंग में नीट (NEET) की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी शैक्षणिक प्रगति, सुविधाओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने छात्रों को परीक्षा की बेहतर तैयारी हेतु पिछले 15 वर्षों के प्रश्नपत्रों को सॉल्व करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि चित्रकूट जनपद से मेडिकल में चयनित होने के बाद छात्र-छात्राएं पुनः जनपद में आकर सेवा दें, क्योंकि जिले में कुशल चिकित्सकों का अभाव है।
छात्रों की मांग पर जिलाधिकारी ने नीट की प्रतिदिन तीन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिए। कोचिंग में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने स्थान की कमी की समस्या से अवगत कराया, जिस पर जिलाधिकारी ने नियमानुसार अभ्युदय हॉल के ऊपर एक अतिरिक्त हॉल के निर्माण की अनुमति प्रदान की तथा सचिव, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, चित्रकूट को शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि इस कोचिंग संस्थान में चित्रकूट जनपद के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद की अन्य तहसील मुख्यालयों में भी इसी प्रकार की लाइब्रेरी एवं कोचिंग केंद्र स्थापित किए जाएं, जहां नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कक्षाएं संचालित हों।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सर्वप्रथम मऊ तहसील, चित्रकूट में नीट कक्षाओं के संचालन हेतु योग्य शिक्षकों के इम्पैनलमेंट की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि ग्रामीण विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।

