सलोनी तिवारी: केंद्र सरकार ने आम बजट 2026 में पर्यटन क्षेत्र को देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार बनाने की दिशा में कई अहम घोषणाएं की हैं। सरकार का मानना है कि पर्यटन न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, विदेशी मुद्रा आय और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।
बजट में 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइडों को प्रशिक्षण देने की पायलट योजना की घोषणा की गई है, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। इसके साथ ही 15 ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों को जीवंत सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारत की समृद्ध विरासत को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
सरकार ने मॉडर्न ट्रेल, टर्टल ट्रेल और पक्षी विहार जैसी नई पर्यटन अवधारणाओं को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। हिमालयी राज्यों, पूर्वोत्तर भारत, तटीय क्षेत्रों और जैव-विविधता वाले इलाकों में सतत और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को प्राथमिकता दी जाएगी।
पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे डिजिटल तकनीक के माध्यम से देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी एक मंच पर उपलब्ध होगी। इसके अलावा, राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थानों की स्थापना और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ज़रिए युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा।

